बलौदाबाजार :गर्मी के बढ़ते असर और गिरते जल स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन अब गांव-गांव पहुंचकर लोगों को जल संरक्षण के लिए जागरूक कर रहा है.इसी कड़ी में बलौदाबाजार कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने भाटापारा तहसील के खैरी (आर) गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया. मिडिल स्कूल के प्रार्थना शेड में आयोजित इस चौपाल में जल संचय वाहिनी, महिला समूहों और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इस दौरान कलेक्टर ने सभी को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई और “मोर गांव, मोर पानी” अभियान की जानकारी दी.
“पानी बचाना ही भविष्य बचाना है”
चौपाल में कलेक्टर ने साफ कहा कि भूमिगत जल का लगातार दोहन एक गंभीर चिंता का विषय है. अगर अभी से पानी बचाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में जल संकट और गहरा सकता है. उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वर्षा का पानी बहकर व्यर्थ न जाए, इसके लिए हर स्तर पर प्रयास जरूरी है. घरों की छतों से गिरने वाले पानी को बचाने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और सोखता गड्ढा बनाने की सलाह दी गई.
खेतों में डबरी निर्माण पर जोर
कलेक्टर ने खेतों में जल संरक्षण के लिए डबरी निर्माण की बात कही. उन्होंने बताया कि किसान अपनी जमीन के करीब 5 प्रतिशत हिस्से में डबरी बनाकर वर्षा जल को संचित कर सकते हैं. इससे न केवल सिंचाई में मदद मिलेगी, बल्कि भूजल रिचार्ज भी होगा. उन्होंने पटवारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव में जाकर किसानों को डबरी निर्माण की पूरी प्रक्रिया समझाएं, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ ले सकें.
कम पानी वाली फसलों की खेती पर जोर
कलेक्टर ने किसानों को ग्रीष्मकालीन धान की खेती से बचने की सलाह देते हुए कम पानी में होने वाली फसलों को अपनाने पर जोर दिया. उन्होंने दलहन, तिलहन और सरसों जैसी फसलों को बेहतर विकल्प बताते हुए कहा कि इससे पानी की बचत के साथ-साथ किसानों की आय भी बढ़ सकती है.उन्होंने फसल विविधीकरण को समय की जरूरत बताते हुए कहा कि इससे खेती में जोखिम कम होता है और लाभ अधिक मिलता है.10 किसानों को स्वामित्व कार्ड भी वितरित किए गए.ये कार्ड ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं, जिससे उनकी जमीन का अधिकार स्पष्ट होता है और भविष्य में बैंक लोन जैसी सुविधाएं लेने में आसानी होती है. स्वामित्व कार्ड मिलने से किसानों में खुशी का माहौल देखा गया और उन्होंने प्रशासन के इस प्रयास की सराहना की.जल संरक्षण सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है.हमने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने स्तर पर छोटे-छोटे प्रयास करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें- कुलदीप शर्मा, कलेक्टर
चौपाल में अधिकारी और ग्रामीण रहे मौजूद
इस चौपाल में दिव्या अग्रवाल, श्यामा पटेल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे. इसके अलावा जल संचय वाहिनी, महिला समूहों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी हिस्सा लेकर जल संरक्षण के इस अभियान को समर्थन दिया.





