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सरहद पर आतंकियों को चटाई धूल, अब यूपीएससी में लहराया परचम, सुपरहिट है आर्मी मेजर की कहानी

भारतीय सेना के शौर्य और अदम्य साहस की कहानियां अक्सर सरहदों तक ही सीमित रह जाती हैं. लेकिन मेजर नीतीश कुमार सिंह (रिटायर्ड) ने इसे एक कदम आगे बढ़ा दिया है. बिहार के बेगूसराय के रहने वाले और एनडीए के पूर्व छात्र मेजर नीतीश ने अपनी बहादुरी का परिचय केवल युद्ध के मैदान में ही नहीं, बल्कि देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली यूपीएससी (UPSC) परीक्षा में भी दिया है.मेजर नीतीश कुमार सिंह साल 2017 में दक्षिण कश्मीर के शोपियां में एंटी-टेरर ऑपरेशन के दौरान आतंकियों की गोलियों का सामना करते हुए गंभीर रूप से घायल हो गए थे. लेकिन शरीर पर लगे वो जख्म उनके इरादों को तोड़ नहीं सके. यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 305 हासिल कर उन्होंने साबित कर दिया कि एक फौजी कभी हारना नहीं सीखता. जानिए मेजर नीतीश कुमार सिंह (रिटायर्ड) ने यूपीएससी सीएसई 2025 में सफलता कैसे हासिल की.

भारतीय सेना का जांबाज संभालेगा प्रशासन की कमान

शोपियां के उस एनकाउंटर में मेजर नीतीश कॉर्प्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (EME) में तैनात थे. गंभीर चोटों के कारण उनकी सैन्य सेवाओं पर असर पड़ा, लेकिन देश सेवा का जज्बा उनके खून में था. सेना से रिटायर होने के बाद उन्होंने हार मानकर बैठने के बजाय खुद को फिर से तैयार किया और किताबों को अपना हथियार बनाया. अब वे मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में ट्रेनिंग के लिए जाने को तैयार हैं.

Manoj Mishra

Editor in Chief

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