नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण स्थिति और ग्लोबल ऑयल मार्केट (Global Oil Market) में बिगड़ते हालात के बीच सरकारी ऑयल एक्सप्लोरेशन कंपनी ‘ऑयल इंडिया लिमिटेड’ (Oil India Limited) ने थार रेगिस्तान से कच्चे तेल का उत्पादन काफी बढ़ा दिया है और जोधपुर बलुआ पत्थर क्षेत्र से प्रतिदिन 1,202 बैरल का रिकॉर्ड उत्पादन हासिल किया है। अधिकारियों ने न्यू एजेंसी पीटीआई को यह जानकारी दी। सरकारी कंपनी ने पिछले वर्ष के 705 बैरल प्रति दिन की तुलना में उत्पादन में लगभग 70 प्रतिशत की वृद्धि की है, जो घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।इन अधिकारियों ने बताया कि जैसलमेर के बाघेवाला क्षेत्र में उत्पादित कच्चे तेल को टैंकरों द्वारा गुजरात के मेहसाना स्थित ONGC की फैसिलिटी तक पहुंचाया जाता है, जहां से इसे पाइपलाइन के माध्यम से इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) द्वारा संचालित कोयली रिफाइनरी में भेजा जाता है।
कहां है बाघेवाला ऑयल फील्ड?
- राजस्थान बेसिन के बीकानेर-नागौर उप-बेसिन में स्थित बाघेवाला ऑयल फील्ड, भारत के कुछ गिने-चुने तटवर्ती भारी तेल क्षेत्रों में से एक है
- ऑयल इंडिया 2017 से बाघेवाला ऑयल फील्ड से कच्चे तेल का उत्पादन कर रही है। 1991 में खोजे गए और 200.26 वर्ग किलोमीटर में फैले इस क्षेत्र में वर्तमान में 52 कुएं हैं, जिनमें से 33 चालू हैं।
- वित्तीय वर्ष 2025-26 में ऑयल इंडिया के राजस्थान क्षेत्र में कच्चे तेल का वार्षिक उत्पादन 43,773 मीट्रिक टन रहा, जो पिछले वर्ष के 32,787 मीट्रिक टन से अधिक है। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि यह सफलता काफी हद तक एडवांस रिकवरी टेक्नोलॉजी के उपयोग के कारण मिली है, जिनमें साइक्लिक स्टीम स्टिमुलेशन (CSS) भी शामिल है, जो उच्च श्यानता वाले कच्चे तेल के निष्कर्षण के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक तापीय संवर्धित, ऑयल रिकवरी मेथड है। एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया “थार क्षेत्र की चुनौतीपूर्ण भूवैज्ञानिक परिस्थितियों को देखते हुए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में गैर-पारंपरिक संसाधनों की क्षमता को दर्शाता है।”





