खाड़ी क्षेत्र में जारी युद्ध के कारण राजधानी में गैस आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। जिन एजेंसियों को युद्ध से पहले रोजाना 650 सिलेंडर मिल रहे थे, अब उन्हें मात्र 500 सिलेंडर मिल रहे हैं। शहर में छोटी-बड़ी मिलाकर करीब 38 गैस एजेंसियां हैं।
इन्हीं एजेंसियों ने बताया कि रांची में हर रोज करीब 4000 कम गैस की आपूर्ति हो रही है। शहर में फिलहाल 76 हजार उपभोक्ताओं की बुकिंग लंबित है, जिसमें 65 हजार इंडेन के हैं।
10 दिन पहले यह बैकलॉग करीब 65 हजार था, लेकिन अब प्रतिदिन 8-10 हजार नई बुकिंग जुड़ने से स्थिति और बिगड़ रही है। इसका असर अब रांची की गैस सप्लाई पर साफ दिखने लगा है। डीएसी नंबर मिलने के बावजूद उपभोक्ताओं को 15 से 17 दिनों के बाद सिलेंडर मिल रहा है। माधुरी गैस एजेंसी के संजीव कुमार ने बताया कि बैकलॉग तभी खत्म होगा, जब सप्लाई बढ़ेगी। शांतनु गैस एजेंसी के सेतु तिवारी ने बताया कि जितनी डिलीवरी हो रही है, उतनी ही बुकिंग भी आ रही है। इंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी के रवि भट्ट ने कहा कि उनके यहां 4943 सिलेंडर का बैकलॉग है और 4 दिनों से सप्लाई नहीं आई है।
कई एजेंसियों ने बताया कि उनके पास 4-5 दिनों से सप्लाई ही नहीं आई है। कुछ एजेंसियों को दो दिन में एक बार गैस मिल रहा है। कुछ एजेंसियों ने यह भी बताया कि बड़ी गाड़ियों की जगह छोटी गाड़ियां भेजी जा रही हैं, जिससे एक बार में कम सिलेंडर पहुंच रहे हैं। रांची में रोजाना 15000 गैस की जरूरत है और 11000 गैस ही बंट पा रहा है। इससे रोज 4000 गैस का बैकलॉग हो जा रहा है। बुधवार को भी विभिन्न गैस एजेंसियों में देर शाम तक भीड़ लगी रही। एजेंसियां सीधे मोहल्लों में गाड़ियां भेज रही हैं। कई गैस एजेंसियां औसतन 8 दिन में गैस डिलीवर कर रही हैं।
सामलौंग के सोनू प्रधान ने कहा- 20 दिन पहले इंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी से बुकिंग कराई थी, लेकिन अभी तक गैस सिलेंडर नहीं मिला है।
2. लालपुर के रहने वाले जितेंद्र कुमार ने कहा कि बुकिंग होने के 15 दिन बाद भी जयंत गैस एजेंसी से गैस नहीं मिल रही है।
3. किशोर गंज की रहने वाली ए तिवारी को 14 मार्च को ही डीएससी नंबर मिल गया था, बिल भी जनरेट हो गया है, लेकिन अभी तक गैस नहीं मिली है।
सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी, डीएसी नंबर मिलने में परेशानी
बुधवार को आईओसीएल के सॉफ्टवेयर में तकनीकी गड़बड़ी के कारण लोगों को डीएसी नंबर मिलने में दिक्कत हुई। कुछ गैस एजेंसी संचालकों ने कहा कि डीएसी जितना दिखाते हैं, उतनी ही गैस हमारे पास प्लांट से आती है। इन दिनों अक्सर बीच-बीच में आईओसीएल के सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी आ रही है।
कई डीलर नहीं डाल रहे डीएसी नंबर, गड़बड़ी की आशंका
रांची में रसोई गैस की किल्लत के बीच तेल कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि सप्लाई सामान्य है, लेकिन समस्या वितरण स्तर पर पैदा हो रही है। कई एजेंसियां डीएसी सिस्टम में सही तरीके से एंट्री नहीं कर रही हैं, जिससे गैस वितरण का रिकॉर्ड गड़बड़ा रहा है। डीएसी नंबर सिस्टम में नहीं डाले जाने से इस बात की भी आशंका होती है कि जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक सिलेंडर नहीं पहुंच पा रहा है।
ऐसे बढ़ रहा बैकलॉग
एजेंसी वर्तमान 10 दिन युद्ध से
बैकलॉग पहले पहले
माधुरी गैस एजेंसी 2000 1500 300
अदिति गैस एजेंसी 5200 4000 500
शांतनु गैस एजेंसी 2400 2000 300
इंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी 5000 — 500
जयंत गैस एजेंसी 2400 2000 300
गैस की कमी से जूझ रहे गांव में लकड़ी का जुगाड़
यह तस्वीर शहर के बूटी मोड़ स्थित सुगनू गांव की है। पूरे गांव में हरेक घर के बाहर लकड़ी का ढ़ेर लगा है। जो यह बताने के लिए काफी है कि गांव के लोग रसोई गैस की किल्लत को देखते हुए लकड़ी का जुगाड़ कर चुके हैं। ग्रामीणों ने पूछने पर बताया कि लगभग सभी घरों में गैस सिलेंडर है। लेकिन पिछले माह कई लोगों को गैस नहीं मिली। भविष्य के लिए लकड़ी जमा करके रखा गया है।





