Blog

प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों ने लघु वनोपजों से उत्पाद बनाने की प्रक्रिया देखी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के जंगलों में भारतीय वन सेवा (IFS) के वर्ष 2025-26 बैच के 133 प्रशिक्षु अधिकारियों ने मृदा संरक्षण, जल संरक्षण, वन प्रबंधन तथा लघु वनोपज के उत्पादन, प्रसंस्करण से जुड़ी तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। यह चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

portal add kd public school 03 month start 16 feb 26 15 may 26

वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव के सहयोग तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित इस प्रशिक्षण में अधिकारियों को छत्तीसगढ़ की वन प्रबंधन प्रणाली और जल संरक्षण कार्यों का व्यावहारिक अध्ययन कराया गया।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून से आए प्रशिक्षु अधिकारियों ने 8 से 15 मार्च 2026 तक धमतरी वनमंडल के विभिन्न क्षेत्रों में फील्ड प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने पम्पारनाला, कांसानाला और साजापानी नाला जैसे क्षेत्रों में मृदा एवं जल संरक्षण तथा वाटरशेड प्रबंधन से जुड़े कार्यों का अध्ययन किया। प्रशिक्षण के अंतिम चरण में अधिकारियों को वैज्ञानिक पद्धति से वृक्षों के सीमांकन, मार्किंग और कटाई की तकनीकी प्रक्रिया से अवगत कराया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि किस प्रकार इमारती लकड़ी तैयार कर ई-ऑक्शन के माध्यम से शासन को अधिकतम राजस्व प्राप्त किया जा सकता है।

मैदानी प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने दुगली स्थित वन धन विकास केंद्र का भी अवलोकन किया। यहां उन्होंने हर्रा, बहेड़ा और अश्वगंधा जैसे लघु वनोपजों से उत्पाद बनाने की प्रक्रिया देखी। अधिकारियों को यह भी बताया गया कि स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह किस प्रकार जड़ी-बूटियों का सतत उपयोग कर आजीविका के अवसर बढ़ा रहे हैं और वनों के संरक्षण में योगदान दे रहे हैं।

धमतरी वनमंडल के डीएफओ जाधव श्रीकृष्ण ने प्रशिक्षु अधिकारियों को वन प्रबंधन, प्रशासनिक कार्यों तथा लघु वनोपज प्रसंस्करण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रशिक्षण के सफल आयोजन में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक शालिनी रैना, मुख्य वन संरक्षक रायपुर वृत्त मणिवासगन एस., मुख्य वन संरक्षक दुर्ग वृत्त श्रीमती एम. मर्सीबेला सहित विभिन्न वनमंडलों के अधिकारियों ने मार्गदर्शन प्रदान किया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन में संयुक्त वनमंडलाधिकारी, वन परिक्षेत्र अधिकारी, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, एनआरएम इंजीनियर्स तथा वन विभाग के फील्ड स्टाफ ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। विभाग द्वारा सभी सहयोगी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

The post प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों ने लघु वनोपजों से उत्पाद बनाने की प्रक्रिया देखी appeared first on ShreeKanchanpath.

Manoj Mishra

Editor in Chief

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button