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तरोई और नेनुआ में क्या अंतर है, शाकाहारी लोग हमेशा होते हैं कन्फ्यूज; नहीं जानते हैं तो जान लें

भारतीय रसोई में गर्मियों और बरसात के मौसम में लौकी फैमिली की सब्जियां जैसे तरोई, नेनुआ, घिया, परवल आदि का बोलबाला रहता है। लेकिन शाकाहारी घरों में सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन तरोई और नेनुआ को लेकर होता है। बाजार में सब्जी वाले अक्सर नेनुआ को ही “तरोई” कहकर बेच देते हैं, जबकि दोनों में काफी अंतर है। कई लोग इन्हें एक ही मान लेते हैं, लेकिन वैज्ञानिक नाम, दिखावट, स्वाद और बनावट में ये अलग-अलग हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि तरोई और नेनुआ में असल अंतर क्या है।

तरोई और नेनुआ की बनावट में अंतर 

सबसे पहल तो आपको तराई और नेनुआ में बनावट में सबसे बड़ा फर्क छिलके का मिलेगा। नेनुआ की त्वचा चिकनी, प्लेन और बिना किसी उभरी धारियों वाली होती है। यह हल्के हरे रंग की, मुलायम और चमकदार दिखती है। वहीं तरोई की त्वचा पर गहरी-गहरी उभरी हुई धारियां (रिज) होती हैं, जो इसे खुरदुरा और नुकीला लुक देती हैं। यही वजह है कि इसे रिज गार्ड या नसदार तरोई कहते हैं। नेनुआ को कई जगहों पर गिलकी या स्पंज गार्ड भी बोला जाता है।

स्वाद का अंतर

बता दें कि, तराई और नेनुआ के स्वाद और बनावट में भी अंतर साफ है। नेनुआ हल्का मीठा, मुलायम और पानीदार होता है। इसमें मिठास कम होती है, लेकिन पकने पर यह नरम हो जाता है। सब्जी बनाने में छिलका उतारने की जरूरत नहीं पड़ती, सीधे काटकर बना सकते हैं। तरोई थोड़ी सख्त, फाइब्रस और कम मीठी होती है। इसका स्वाद ज्यादा तीखा या कड़वा-मीठा मिश्रित लगता है। छिलके की धारियां सख्त होती हैं, इसलिए अक्सर छिलका उतारना पड़ता है। कई लोग कहते हैं कि असली तरोई का स्वाद नेनुआ से कहीं बेहतर होता है, खासकर जब इसे अच्छे मसालों के साथ बनाया जाए।

फेसबुक पर एक ही बताए जाने का दावा   

फेसबुक पर तराई और नेनुआ को एक ही सब्जी बताया जाता है। @Kiran’s Kitchen नामक हैंडल से एक पोस्ट शेयर की गई थी जिसके कैप्शन में लिखा है कि, ‘नेनुआ को हिंदी में तुरई या तोरई भी कहा जाता है। यह एक प्रकार की सब्जी है जो बेल पर उगती है और नेनुआ का फल लंबा, हरा और रिब्ड होता है। यह गर्मी के मौसम में विशेष रूप से उगाया जाता है और भारतीय रसोई में इसका उपयोग आमतौर पर सब्जी के रूप में किया जाता है। नेनुआ में कैलोरी की मात्रा कम होती है, जो इसे वजन घटाने के लिए अच्छा बनाती है।’ इसके अलावा भी पोस्ट में कुछ और बातें भी बताई गई हैं।

गौरतलब है कि, क्षेत्रीय नामों का कन्फ्यूजन सबसे ज्यादा है। उत्तर भारत (बिहार, यूपी) में नेनुआ को नेनुआ कहते हैं, जबकि तरोई को तरोई या अर्रा तरोई कहते हैं। दक्षिण या पश्चिम में “तुरई”, “तोरई”, “दोडका” आदि नाम चलते हैं। अगली बार बाजार जाएं तो छिलके पर ध्यान दें चिकनी सब्जी नेनुआ और धारीदार तरोई होती है और दोनों ही स्वादिष्ट हैं।

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है।  जगन्नाथ डॉट कॉम किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

 

Manoj Mishra

Editor in Chief

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