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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: विवि के पूर्व रजिस्ट्रार विनोद एक्का का अटैचमेंट आदेश किया रद्द

छत्तीसगढ़ हाईकोर्टने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को विश्वविद्यालय से बाहर किसी अन्य कार्यालय में अटैच करने के आदेश को अवैध ठहराते हुए निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि विश्वविद्यालय सेवा से जुड़े अधिकारी का स्थानांतरण केवल एक विश्वविद्यालय से दूसरे विश्वविद्यालय में ही किया जा सकता है, किसी अन्य संस्थान में नहीं। यह फैसला न्यायमूर्ति पार्थ प्रतिम साहू की एकलपीठ ने विनोद कुमार एक्का की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।

याचिकाकर्ता विनोद कुमार एक्का को वर्ष 2016 में पदोन्नति देकर संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा में रजिस्ट्रार पद पर पदस्थ किया गया था। बाद में राज्य सरकार (CG High Court order) ने 15 मार्च 2024 को आदेश जारी कर उन्हें उच्च शिक्षा आयुक्त कार्यालय, रायपुर में अटैच कर दिया था। विनोद एक्का ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

उनका कहना था कि रजिस्ट्रार का पद विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 और विश्वविद्यालय सेवा नियम 1983 के तहत एक वैधानिक पद है। नियमों के अनुसार इस पद पर कार्यरत अधिकारी का स्थानांतरण केवल एक विश्वविद्यालय से दूसरे विश्वविद्यालय (CG High Court order) में ही किया जा सकता है।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट (CG High Court order) ने अधिनियम और नियमों का परीक्षण करते हुए पाया कि विश्वविद्यालय सेवा से जुड़े अधिकारी को किसी गैर-विश्वविद्यालय कार्यालय में पदस्थ करने का प्रावधान नहीं है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जारी किया गया आदेश वैधानिक प्रावधानों के विपरीत है, इसलिए इसे कानूनन टिकाऊ नहीं माना जा सकता।

CG High Court order: अटैचमेंट आदेश निरस्त

हाईकोर्ट (CG High Court order) ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता को विश्वविद्यालय के बाहर उच्च शिक्षा आयुक्त कार्यालय में अटैच करना नियमों के विरुद्ध है। इसलिए 15 मार्च 2024 का आदेश निरस्त किया जाता है।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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