छत्तीसगढ़

अभिताभ नामदेव की सामाजिक छवि धूमिल करने रची गई साजिश

अभिताभ नामदेव की सामाजिक छवि धूमिल करने रची गई साजिश

 

किसी प्रकार कोई नाबालिक को किराया नहीं दिया गया था मीडिया में फेक न्यूज दिखाई गई

होटल संचालन के सभी दस्तावेज सही पाए गए

पुलिस ने खुद बताया कि कोई संदिग्ध नहीं मिले

मामले में सामाजिक व्यक्ति के करीबी के नाम आने से पूरा खेल सामाजिक षड्यंत्र का हुआ खुलाशा

06 फरवरी की घटना षड़यंत्र रच झूठी शिकायत करने, झूठी और भ्रामक खबर प्रसारित करने वाले सभी के खिलाफ होगी शिकायत
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और सबका संदेश साप्ताहिक समाचार पत्र के संपादक और नामदेव समाज के जिला 15 वर्ष से जिलाध्यक्ष अभिताभ नामदेव की छबि धूमिल करने का प्रयास किये जाने का मामला सामने आया है, जहा एक कथित पत्रकार और उन्ही के समाज के सौरभ नामदेव ने षड़यंत्र कर उनके खिलाफ झूठी शिकायत करवा कर उन्हें क़ानूनी दावपेच में फसाकर उनके खिलाफ मनघडंत आरोप लगाते हुए सोसल मीडिया में उलटे सीधे समाचार बनाकर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने का कुकृत्य किया है,
पुरे मामले को लेकर आज नामदेव समाज के अध्यक्ष अभिताभ नामदेव अपने समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ राजधानी पहुचे, और नामदेव समाज के प्रदेश अध्यक्ष ईश्वरी कन्हैया नामदेव ने भी प्रेस को बताया कि किस प्रकार अभिताभ नामदेव ने अपनी बात और अपने पद का उपयोग समाज हित में किया है उनके प्रयास से ही आज कवर्धा में प्रथम सामाजिक भवन बना जो सभी का काम आ रहा है विगत दिनों पूर्व ही उन्होंने माननीय उप मुख्यमंत्री को अपने सामाजिक कार्यक्रम में बुलाकर सामाजिक हित हेतु अनेकों कार्य किए जो सराहनीय है उन्होंने रायपुर प्रेस क्लब पहुचकर पत्रकार साथियों के साथ प्रेसवार्ता की, प्रेसवार्ता के दौरान अभिताभ नामदेव ने बताया कि मामला 06 फरवरी का है, उन्होंने बताया कि उनका घर किराये से देने का भी काम है, जिसको बंद करके वो उसे लाज और होटल में बदलने का काम कर रहे थे, उसी दौरान अचानक से उनके यहाँ पुलिस की टीम पहुची और उन्होंने चारो तरफ चेकिंग शुरू कर दी, जहा पुलिस को दो लड़का और लड़की मिले, दोनों से सम्बंधित मुझसे रजिस्टर एंट्री माँगा गया, क्योकि अभी मेरे लाज का काम प्रगति पर है, इसलिए मैंने अभी रजिस्टर नहीं बनाया था जिसके बाद लड़के लड़की का आधार कार्ड और मुझे जांच करने थाने ले जाया गया, जहा मुझसे पूछताछ की गई, वहा मुझे पता चला कि किसी पड़ोसी ने मेरे खिलाफ शिकायत नहीं की है कि मेरे अवैध रूप से जिस्मफरोशी जैसा घिनौना कारोबार किया जा रहा है, जबकि दोनों बालिक थे इसलिए मैंने उन्हें कमरा किराये से दिया था, और वो पुलिस जांच में भी सिद्ध हो गया कि दोनों बालिक थे, किसी भी प्रकार से जिस्मफरोशी जैसे व्यापार में लिप्त लड़के लड़की नहीं थे। जैसा कि कुछ मीडिया में दिखाया और जांच के वीडियो को काट छांट कर मीडिया में दिखाया गया था किसी प्रकार का कोई गंभीर दोष मामला नहीं बना मेरे ऊपर ये सब एक सामान्य प्रक्रिया के तहत होता पूछताछ हुई थी, लेकिन जब दुसरे दिन मुझे पता चला की मेरे बारे में सोसल मीडिया पर अनाप सनाप झूठ दिखाया जा रहा है, और एक साधारण से मामले को सनसनीखेज बनाकर मेरे ही समाज के सामाजिक चुनाव मेरे ही प्रतिद्वंदी रहे संतोष बबला और उनके पुत्र सौरभ नामदेव के द्वारा मीडिया के साथी को प्रस्तुत किया जाने की जानकारी सुनने को मिला ,और जब पुलिस की कार्यवाही से सम्बंधित दस्तावेज मुझे मिला तो उसे देखकर मेरा दिमाग खराब हो गया। क्योकि इस मामले में शिकायतकर्ता कोई और नहीं बल्कि सौरभ नामदेव ही वार्ड का कोई नवीन सोनी और गवाह में ड्राईवर था, जो मेरे गांव से अलग जगह का है जिसे मैं जानता तक नहीं हु। मैं 15 साल से सामाजिक चुनाव में बार बार सौरभ नामदेव और उनके पिता परिवार को हराता आया हूँ,क्योंकि समाज के लोग उनके हरकतों से त्रस्त है। जिससे हतोत्साहित होकर मेरे खिलाफ षड़यंत्र रचा गया, अभी मेरा होटल निर्माणाधीन है, अब मै इस बात को दावे के साथ कह सकता हूँ कि षडयत्र कर पहले से अन्य लड़के और लड़की को मेरे होटल भेजा गया, मेरे होटल में आकर उन दोनों ने पहले आपत्तिजनक सामग्री फैलाई और उसके बाद उसकी झूठी शिकायत करवाकर मेरे होटल में पुलिस भेजी गई, और उसके तुरंत बाद मीडिया को मनगणित कहानी बताकर गुमराह किया गया।ताकि मेरे मान सम्मान हानि पहुचे !
अभिताभ नामदेव ने बताया कि मैंने 15 साल से जिलाध्यक्ष रहते हुए पुरे प्रदेश में सबसे पहला सामाजिक भवन बनवाया हु जिसका विरोध बाप बेटे की जोड़ी ने खूब किया जो पूरे समाज के लोग अच्छी तरह से जान रहे है ।
पुलिस मेरे होटल के दस्तावेज को सही मानकर उसपर कोई कार्यवाही नहीं किया है क्योंकि किराया देना एक व्यवसाय होता है और मैने किराए संबंधित समस्त कागज बनवाया था। बालिक को किराया लेने और देने का पूर्ण स्वतंत्रता होती है जिसको दिखाया और मौके में मिले दोनों किरायेदार बालिक मिले और अपनी मर्जी से किराए में आना बताए और संदिग्ध कार्य नहीं होना पाए जाने पर तत्काल पूछताछ कर दोनों को जाने भी दिया गया । उक्त मामले में डीएसपी ने अपने ब्यान में भी मीडिया को बताया है कि कोई भी संदिग्ध गतिविधियाँ नहीं पाई गई । क्योकि मै कवर्धा का प्रतिष्ठित व्यक्ति हूँ पुलिस की कार्यवाही के दौरान मेरी उनसे बहस हुई, जिसके लिए पुलिस ने मेरे विरुद्ध बीएनएस की धारा 177 की करवाई की।
बीते दिनों एक घटनाक्रम में नामदेव समाज के भवन का विरोध बाप बेटे की जोड़ी ने करते हुए जिलाध्यक्ष अभिताभ नामदेव के खिलाफ अपने कुछ करीबी रिश्तेदार लोगो को लेकर थाने में कड़ी कार्यवाही की मांग करने पहुंच गए, जो आज तक समाज की एक मीटिंग में नहीं आते है ,और समाज के भवन में ताला लगाने की बात को लेकर सोशल मीडिया में खबर वायरल करते है और पूरी पारदर्शिता से चुने निर्विरोध जिलाध्यक्ष अभिताभ नामदेव को फर्जी अध्यक्ष और फर्जी पत्रकार तक बता कर सोशल मीडिया में ब्यान जारी करते है ।
जिसके चलते समाज के चुने हुए पदाधिकारी आज खुलकर मेरे साथ खड़े है, और अभिताभ नामदेव ने कहा कि मै बता देना चाहता हूँ, सौरभ नामदेव समाज का व्यक्ति होकर समाज के लोगों के प्रति गलत भावना रखने के चलते उनके परिवार से 3 बार के पार्षद रहने के बावजूद उन्हें विगत 15 वर्षों से 5 बार सामाजिक चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था । (विगत वर्ष 20 11 2014 को संतोष बबला नामदेव ने फर्जी तरीके से अपने को जिलाध्यक्ष की घोषणा कर चुके थे जिसकी शिकायत समाज द्वारा तत्काल जिला कलेक्टर को करी गई थी ) और रही बात पत्रकारिता की तो मै 2010 से भारत सरकार से पंजीकृत संपादक हु, क्योकि मै संपादक हूँ, किसी भी पत्रकार को पत्रकारिता करने का नियुक्ति पत्र जारी करने का अधिकार भी रखता हु । कभी समाज के किसी भी महिला पुरुष के साथ मेरा किसी प्रकार का विवाद नहीं रहा । न ही कोई बाहरी व्यक्ति से।
वही नामदेव समाज की पूर्व पार्षद और महिला प्रमुख श्रीमती विद्या नामदेव ने सोशल मीडिया में ब्यान जारी करते हुए बताया कि पूर्व पार्षद बाप बेटे की जोड़ी ने हमेशा सामाजिक भवन बनने का विरोध किया और समाज के लोगो सहित अपने खुद के भाई बहन को प्रताड़ित किया है। जिनका वीडियो तक वायरल है । बता दे जिले के साथ पूरे प्रदेश तक में समाज का भवन बनने से हर्ष व्याप्त है । समाज के विरोधी ने समाज के लोगों का शोषण और समाज के विकास कार्य में बाधा डालते रहे है और विरोध करते रहे है । जिस जिस समाज के लोगों को पूर्व पार्षद ने प्रताड़ित किया ।सबकी मदद जिलाध्यक्ष अभिताभ नामदेव ने की ।
आज उसी रंजिश के चलते पूर्व कांग्रेसी पार्षद परिवार ने अपने मोहल्ले के और अपने ड्राइवर साथ मिलकर बदनाम करने की साजिश रची ।
पूरा जिले के सामाजिक लोग इन बाप बेटे की हरकत से वाकिब है।
06 फरवरी की उक्त घटना क्रम एक पुलिस द्वारा चेकअप का हिस्सा था जो सही था। लेकिन बाप बेटे ने इस विषय को लेकर जिस प्रकार सामाजिक रूप से दुष्प्रचार और व्यक्तिगत बदनाम करने का प्रयास किया वो निंदनीय है।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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