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200 KMPH की रफ्तार वाली देश की पहली प्राइवेट ट्रेन, प्‍लेन जैसी सुविधा, मगर कमाई हो रही या ठन-ठन गोपाल?

देश की पहली तेजस ट्रेन नई दिल्‍ली (NDLS) और लखनऊ के बीच चलती है, जो देश के सबसे व्यस्त रेल रूट में से एक है. इस सेवा की सफलता के बाद वर्ष 2020 में दूसरी तेजस ट्रेन शुरू की गई, जो अहमदाबाद और मुंबई के बीच यात्रियों को प्रीमियम सेवा प्रदान करती है. तेजस एक्‍सप्रेस ट्रेन के कोच को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि वे 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पटरियों पर दौड़ने में सक्षम है. इस ट्रेन में हवाई जहाज जैसी सुविधाएं देने की कोशिश की गई है. तेजस एक्‍सप्रेस में एयर होस्‍टेस की तर्ज पर ट्रेन होस्‍टेस तैनात रहती हैं, जो यात्रियों की हर सुख-सुविधा का ध्‍यान रखती हैं.

यात्री संख्या और कमाई

रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, नई दिल्ली-लखनऊ तेजस एक्‍सप्रेस ने ऑपरेशन शुरू होने के महज एक महीने के भीतर लगभग 7.73 लाख रुपये की ऑपरेशनल इन्‍कम यानी परिचालन आय दर्ज की थी. ‘इंडियन एक्‍सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के दौरान तेजस ट्रेनों ने लगभग 50 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया. पैसेंजर्स ऑक्यूपेंसी के मामले में भी इन ट्रेनों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा. दिल्ली-लखनऊ-दिल्ली तेजस ट्रेन की औसत सीट भराव दर 69 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि अहमदाबाद-मुंबई-अहमदाबाद रूट पर चलने वाली तेजस ट्रेन में यह आंकड़ा 109 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो यात्रियों की मजबूत मांग को दर्शाता है.

 

आधुनिक सुविधाओं से लैस सेमी हाई-स्पीड ट्रेन

तेजस एक्सप्रेस को सेमी हाई-स्पीड ट्रेन के रूप में डिजाइन किया गया है, जिसमें यात्रियों के लिए आधुनिक ऑनबोर्ड सुविधाएं और बेहतर आराम की व्यवस्था उपलब्ध है. इसके कोच Rail Coach Factory Kapurthala में निर्मित किए गए हैं. रेल मंत्रालय के अनुसार, इन कोचों को तकनीकी रूप से 200 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने में सक्षम बनाया गया है. हालांकि, वर्तमान रेल ट्रैक की सीमाओं के कारण इन ट्रेनों का परिचालन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से किया जाता है. हाई-स्‍पीड कैपेसिटी के लिए स्टील ब्रेक डिस्क, सिंटर्ड पैड और इलेक्ट्रो-न्यूमैटिक ब्रेकिंग सिस्टम जैसी उन्नत तकनीक का उपयोग किया गया है.

प्रीमियम सुविधाएं

तेजस एक्सप्रेस भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और यात्री सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. बेहतर सुविधाओं, तेज गति और मजबूत कमाई के साथ यह सेवा भविष्य में निजी भागीदारी के और अवसर खोल सकती है. यात्रियों की बढ़ती संख्या और आय के आंकड़े इस बात के संकेत हैं कि प्रीमियम रेल सेवाओं की मांग देश में लगातार बढ़ रही है.

Manoj Mishra

Editor in Chief

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