बोल बम सेवा एवं कल्याण समिति के अध्यक्ष दया सिंह ने प्रेसवार्ता में साझा की तैयारियों की जानकारी
भिलाई। 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर बोलबम सेवा एवं कल्याण समिति द्वारा हर साल की तरह इस वर्ष भी बाबा की बारात निकाली जा रही है। 17 साल से लगातार हो रहे इस भव्य आयोजन का यह 18वां साल है। बोल बम सेवा एवं कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष दया सिंह ने मंगलवार को प्रेसवार्ता के माध्यम से बारात की तैयारियों के संबंध में बताया। दया सिंह ने बताया कि इस बार बारात एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में दर्ज होगी।
दया सिंह ने बताया कि बारात की भव्यता इतनी होती है कि इसे देखने के लिए देश-प्रदेश भर से लोग आते हैं इस बार और भी भव्यता रहेगी। इस बारात को सफल बनाने के लिए आयोजक बोलबम सेवा कल्याण समिति के पदाधिकारी युवा विंग, महिला विंग एवं सदस्यगण विगत दो माह से जुटे हुए है। देश के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी, राज्यपाल रामेन डेका, प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधान सभाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से लेकर केन्द्रीय मंत्री और पूर्व केबिनेट मंत्री छग समेत गणमान्य नागरिकों व राजनेताओं समाज प्रमुख एवं साधुसंतो को आमंत्रण कार्ड दिया गया है। सभी भोले बाबा की बारात में शिरकत करने पहुंच रहे है। अधिकांश लोगों ने आने की स्वीकृति दी है।
दया सिंह ने बताया कि विभिन्न विभिन्न प्रदेशों से आने वाली मनमोहक झाकियां जो रहेंगी भक्तों की आकर्षण का केन्द्र। केरल प्रदेश की 40 सदस्यों की 07 झांकिया आ रही है, भगवान शिव ताण्डव करते हुए झांकी, मां काली माता का भव्य नृत्य की झांकी, गरूणा नृत्य की झांकी, मोर नृत्य की झांकी, भगवान गणेश की नृत्य झांकी, हनुमान भगवान की झांकी विशाल रूप समेत अन्य देवी-देवताओं के स्वरूप लेकर झांकियां करते दर्शन देंगे। आंध्रप्रदेश हैदराबाद, विजय वाडा, राजमंडरी, विशाखापटनम से विभिन्न झांकी जिसमें काली माता महाकाली झांकी मुख्य रूप से आकर्षण केन्द्र रहेगी। इस बार मां दुर्गा के नौ रूप, पन्द्रह फुट का झांकिया देखने को मिलेगी, शिव, पार्वती, अघोरा झांकी, भूत पिशाच, अवघण नृत्य करते हुए पन्द्रह फुट की झांकी। इस बार पिछले बार से काफी कुछ अलग देखने को मिलेगा।
दया सिंह ने बताया कि हरियाणा प्रदेश हरियाणा प्रदेश से भी इस बार पगला बाबा (राम्) आर्ट ग्रुप द्वारा भव्य झांकी प्रस्तुती – शिवलिंग दर्शन झांकी, भगवान भोलेनाथ की भस्म आरती की झांकी। राधाकृष्ण वृज की होली की झांकी का स्वरूप महाकाली ताण्डव नृत्य की विशाल झांकी। नई दिल्ली हरियाणा प्रदेश की विशाल काली ग्रुप की 15 फुट की कंकाल खोपड़ी के भीतर से निकलकर शिव एवं पार्वती जो एक दूसरे को वर माला पहनाते हुए मनमोहक झांकी। एवं अवघणो के टीम के साथ भगवान भोले शंकर शिव तंडाव करते हुए अद्भुत आनंद नृत्य देखने को मिलेगा।
दया सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश अयोध्या के तर्ज पर रामदरबार की मनमोहक झांकियां। लक्ष्मण जी मूर्जित हुए, चारों तरफ मचा हाहाकार प्रस्तुत करते हुए आकर्षित झांकियां। हरि दर्शन की मनमोहक झांकीया। मध्यप्रदेश शहडोल जिले धनपुरी, से विशेष झांकिया रहेगी जिसमें हनुमान जी, नरसिम्बा जी, पिंक टेडी, रेड टेडी, भेडिया धमाल, टाटिया बिझू, ग्रे गिरोला की झांकी व्हाईट भालू, पांडा डोल, ब्लैक गोरिल्ला, मोटू-पतलू, भूत- 1. भूत-2, आई हुई अक्षय टाय्स की विभिन्न प्रकार के वेशभूषा से सुसज्जित मनमोहनक झांकी रहेंगी आकर्षण विशेष केन्द्र ।
दया सिंह ने बताया कि ओडिशा उडीसा का विशेष आकर्षण सम्बलपुर का धमालपुरी (माँ संतोषी मेलॉडी)। पश्चिमी ओडिशा की जीवंत लोक संस्कृति का एक प्रमुख वाद्य यंत्र सकूह है जो कि संबलपुर, बरगढ़, झारसुगुडा और सुंदरगढ जैसे जिलों में बहुत लोकप्रिय है यह आदिवासी और ग्रामीण संगीत का मिश्रण है, जिसमें डोल निशन ताशा महूरी और तमस जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्र शामिल है। दुर्ग जिले से ग्राफी आर्ट की महाकाल की भव्य आरती करते हुए झांकियां। भगवान शिव की विशाल नंदी में बैठे हुए आकर्षक झांकी।
दया सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ की आपरेशन सिन्दूर में भारतीय जवानों द्वारा दुश्मनों से लडते हुए भव्य झांकी जो कि विशेष आकर्षण का केन्द्र रहेगी। 30 फीट के उडते हुए हनुमान जी संजीवनी बुटी लेने जाते हुए आकर्षक झांकी। शिव परिवार की विशेष मनमोहक झांकी। महाश्मशान अघोरा बारात अद्भुत व विचित्र प्रस्तुति। छत्तीसगढ़ की वैष्णव आर्ट, दुर्ग द्वारा प्रथम पूज्य गणेश जी द्वारा, पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए मनमोहक झांकी। देतवताओं एवं राक्षसों (दैत्य) द्वारा समुद्र मंथन करते हुए मनमोहनक झांकी। महाभारत में कुंभकरण वहा का भव्य एवं विशाल झांकी। पंचमुखी शिव जी की विशाल झांकी। महाभारत में घटोत्कच वच की विशाल झांकी। बेमेतरा जिले से आई हुई डंडा नृत्य की मनमोहक झांकी।
दया सिंह ने बताया कि छ.ग. प्रदेश की विभिन्न जिला रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, बस्तर कांकेर, राजनांदगांव, खैरागड, मंडई, बेमेतरा, बालोद, पाटन, उतई, नेवई, पथरी, जरवाय, उमदा से 151 डांकियां जिसमें राम, रावण विभिषण भूत, पिश्चाच, राक्षस हजारों की संख्या में आपको भोले बाबा की बारात में देखने को मिलेगी। भोले बाबा की बारात में हजारों की संख्या में कलाकार उपस्थित रहेंगे। जो देवी-देवताओं के साथ-साथ भूत-पिशाच का वेष बारपा कर भ्रमण करेंगे।
दया सिंह ने बताया कि राजनांदगांव जिला से झांकी ग्राफिक्स आर्ट के द्वारा राम दरबार की झांकी पन्द्रह फुट, शिव विवाह की झांकी पन्द्रह फुट भोले बाबा बासुकी नाग पर सवारी करते झांकी पन्द्रह फुट, भगवान शिव आंनद मुद्रा में नंदी पर बैठकर भ्रमण करते हुये झांकी मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहेगा। कृष्ण जी एवं कालिया नाग के द्वारा जहर उगलते हुए झांकी। कृष्ण जी एवं माता यशोदा की माखन चोरी सहित बाल लीलाओं की झांकी । कुम्भकरण की निद्रा भंग करते हुए लगभग 18 फीट की मूर्तिवाली झांकी। शिव जी की बातरा नंदी में सवार लगभग दस फीट की मूर्ति, साथ पीत पिश्चा एवं देवी देताओं की नृत्य करते हुए बारातियों की झांडी । शिव जी भस्म आरती पंडितों द्वारा। रामेश्वर में राम के द्वारा पूजा करते हुए चलित झांकी। झांकियों में रामदरबार, श्री कृष्ण लीला, भगवान हनुमान दिव्य रूप, शिव तांडव स्वरूप, शिव मां-पार्वती विवाह मनमनोहक प्रस्तुति, शेषनाग, नरसिंह, अवतार, मां काली का स्वरूप राधाकृष्ण की प्रेम लीला समेत अन्य देवी देवताओं के दर्शन आपको बारात में होंगे। इस बार भी राउत नाचा, अखाड़ा, व पंथी नृत्य, डीजे, धुमाल, बैंड बाजा, आकर्षक लाईटिंग एवं भव्य आतिशबाजी के साथ भक्तिमय गीत सुनेंगे। जिसमें श्रद्धालु थिरकेंगे।
इन रूट्स से होकर गुजरेगी बाबा की बारात
प्रेस कान्फ्रेंस में अध्यक्ष दया सिंह ने बताया कि भोले बाबा की बारात दोपहर 2 बजे से निकलेगी। बारात दोपहर 2 बजे इंदिरा नगर हथखोज वार्ड नं.01 से प्रस्थान कर राम जानकी शिव मंदिर में पूजा अर्चना होगी। ट्रांसपोर्ट नगर होते हुए केनाल रोड, कार्तिकेय चौक, बोलबम चौक, नंदी तिराहा, जोन-1 शिव मंदिर होते हुए जोन-2 श्रीराम चौक होते हुए दुर्गा मैदान खुर्सीपार में विवाह स्थल पर समापन होगा। बारात के लिए सैकड़ों की संख्या में वालेंटियर्स नियुक्ति किए गए हैं।
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