बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में दो दिन पहले मिली अज्ञात महिला की शव का मामला पुलिस ने चंद घंटों में ही सुलझा लिया। जिले के डौण्डीलोहारा थाना क्षेत्र के गुरामी जंगल में महिला की सड़ी गली लाश देखी गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शुरुआती जांच में ही स्पष्ट हो गया कि महिला की हत्या कर शव का ठिकाने लगाया गया। पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी ने शादी को लेकर हुए विवाद के बाद बेरहमी से हत्या करने की बात स्वीकार की है।
मिली जानकारी के अनुसार 24 जनवरी को डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम गुरामी के जंगल में एक अज्ञात महिला का शव सड़ी-गली अवस्था में मिला। सूचना मिलते ही फोरेंसिक एक्सपर्ट, साइबर सेल और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची थी। प्रथम दृष्टया हत्या का मामला लगने पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। जांच के लिए गठित विशेष टीम ने मृतका की शिनाख्त के प्रयास शुरू किए। पुलिस ने ‘साइबर प्रहरी’ ग्रुप में मृतका के फोटो साझा किए, जिसके जरिए उसकी पहचान कमला के रूप में हुई। परिजनों से संपर्क के बाद पुलिस को जांच के लिए अहम सुराग मिले।
जांच के दौरान साइबर सेल ने तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। शक के आधार पर नेमीचंद साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पहले तो वह मुकरता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने जुर्म कबूल कर लिया। नेमीचंद ने बताया कि कमला के साथ उसका लंबे समय से प्रेम संबंध चल रहा था। दोनों अक्सर मिलते थे। नेमीचंद को शक था कि कमला किसी और से बात करती है। वह उससे शादी करना चाहता था, लेकिन कमला इसके लिए तैयार नहीं थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। 16 जनवरी को आरोपी कमला को बाइक से घुमाने के बहाने गुरामी डैम के पास जंगल ले गया। वहां शराब पीने के बाद उसने शादी का दबाव बनाया। कमला के इनकार करने पर विवाद बढ़ गया और गुस्से में आकर आरोपी ने उसका गला दबा दिया। बेहोशी की हालत में आरोपी ने कमला को करीब 50 मीटर तक घसीटा और फिर पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को आसपास पड़े पत्थरों से ढक दिया और मौके से फरार हो गया।
बालोद एसपी योगेश पटेल ने बताया कि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर आरोपी को दबोच लिया है। हत्या के बाद नेमीचंद कमला का मोबाइल फोन लेकर घर लौट आया। पुलिस को गुमराह करने के लिए 17 जनवरी को उसने मोबाइल को बालोद के पाररास इलाके में ऑन किया। इसके बाद मोबाइल को दुर्ग में तोड़ दिया, ताकि पुलिस को शक न हो। हालांकि, कॉल डिटेल, लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी तक पहुंची। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर आरोपी ने अपना गुनाह कबूल किया है। अपराध के खिलाफ बालोद पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी।
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