अक्सर यह बात सुनने को मिलती है कि मछली का सेवन अन्य एनिमल मीट की तुलना में अधिक लाभकारी होता है और इससे शरीर को बेहतर पोषण मिलता है. लेकिन क्या यह केवल एक आम सोच है या इसके पीछे कोई सच्चाई और वैज्ञानिक आधार भी मौजूद है? प्रोटीन, फैट, पाचन क्षमता और हृदय स्वास्थ्य के मामले में मछली को क्यों एक खास आहार माना जाता हैअक्सर यह बात सुनने को मिलती है कि मछली का सेवन अन्य एनिमल मीट की तुलना में अधिक लाभकारी होता है और इससे शरीर को बेहतर पोषण मिलता है. लेकिन क्या यह केवल एक आम सोच है या इसके पीछे कोई सच्चाई और वैज्ञानिक आधार भी मौजूद है? प्रोटीन, फैट, पाचन क्षमता और हृदय स्वास्थ्य के मामले में मछली को क्यों एक खास आहार माना जाता है, इन्हीं जूलॉजी विभाग के प्रोफेसर व मछली विशेषज्ञ अफजल खान से खास बातचीत की.जानकरी देते हुए अफजल खान ने बताया कि अक्सर यह कहा जाता है कि मछली खाने से जो पोषण और लाभ मिलता है, वह अन्य एनिमल मीट की तुलना में बेहतर होता है. ताकत की बात करें तो ताकत किसी एक खाद्य पदार्थ से नहीं आती, बल्कि जहाँ प्रोटीन होता है, वहाँ ताकत भी होती है. इस लिहाज से सभी प्रकार के एनिमल मीट में प्रोटीन मौजूद होता है. लेकिन मछली का प्रोटीन मानव शरीर के लिए विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है. मछली के प्रोटीन में आवश्यक अमीनो एसिड्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं.अमीनो एसिड्स को प्रोटीन की ईंटें कहा जा सकता है, जैसे ईंटों से मिलकर एक इमारत बनती है, वैसे ही अमीनो एसिड्स से मिलकर प्रोटीन बनता है. कुछ अमीनो एसिड्स ऐसे होते हैं जिन्हें हमारा शरीर खुद नहीं बना सकता और उनकी पूर्ति हमें भोजन से करनी पड़ती है. मछली में ये सभी आवश्यक अमीनो एसिड्स मौजूद होते हैं. हालांकि यह अन्य मीट में भी पाए जाते हैं, लेकिन मछली में इनकी गुणवत्ता और संतुलन बेहतर होता है.
उन्होंने बताया कि मछली का एक बड़ा लाभ इसकी उच्च डाइजेस्टिबिलिटी है. मछली का मांस अन्य एनिमल मीट की तुलना में अधिक आसानी से पच जाता है, जिससे शरीर को पोषण जल्दी और प्रभावी रूप से मिलता है. यही कारण है कि मछली को हल्का और सुपाच्य भोजन माना जाता है. मछली में पाया जाने वाला फैट भी स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होता है. विशेष रूप से समुद्री मछलियों में पाया जाने वाला फैट काफी अच्छा माना जाता है, हालांकि देशी मीठे पानी की मछलियों में भी यह गुण मौजूद होता है. मछली के फैट में पॉली अनसैचुरेटेड फैटी एसिड (PUFA) प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो हृदय स्वास्थ्य और जोड़ों के लिए बेहद फायदेमंद होता है.प्रोफेसर का कहना है कि इसका एक बड़ा उदाहरण कॉड लिवर ऑयल है, जो बाजार में सप्लीमेंट के रूप में उपलब्ध है और डॉक्टरों द्वारा सेवन की सलाह दी जाती है. यह ऑयल समुद्र में पाई जाने वाली कॉड मछली के लीवर से निकाला जाता है. जहां अन्य जानवरों के फैट को खाने से मना किया जाता है, वहीं मछली के फैट को स्वास्थ्यवर्धक मानकर औषधि के रूप में दिया जाता है.
इसका कारण यही है कि इसमें मौजूद फैटी एसिड दिल, जोड़ों और सूजन संबंधी समस्याओं के लिए लाभकारी होते हैं. इसके अलावा मछली में मिनरल्स भी पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर के समग्र विकास और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करते हैं. दिल की बीमारियों, घुटनों और जोड़ों से जुड़ी समस्याओं में मछली का सेवन लाभकारी माना जाता है.कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि मछली न केवल उच्च गुणवत्ता का प्रोटीन प्रदान करती है, बल्कि यह पाचन में आसान, हृदय के लिए लाभकारी और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए एक बेहद उपयोगी आहार है. इसलिए यदि मछली को संतुलित मात्रा में अपनी डाइट में शामिल किया जाए, तो यह सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद साबित होती है.





