उत्तर भारत में ठंड का प्रचंड प्रहार: कई राज्यों में 15 जनवरी तक स्कूल बंद, जानें अपने शहर का हाल। उत्तर भारत में इस समय कड़ाके की ठंड और भीषण शीतलहर ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह के वक्त घना कोहरा और ठंडी हवाएं हड्डियों को कंपा रही हैं, जिससे सड़कों पर विजिबिलिटी न के बराबर रह गई है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में यलो अलर्ट जारी किया है। ठंड के इस सितम को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सेहत की सुरक्षा के लिए स्कूलों की छुट्टियों और समय में बड़े बदलाव किए हैं।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और नोएडा में प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए कक्षा 8वीं तक के स्कूलों को 15 जनवरी तक बंद रखने का आदेश दिया है। वहीं, बड़ी कक्षाओं के लिए समय में बदलाव किया गया है ताकि छात्र तेज धूप निकलने के बाद ही घर से बाहर निकलें। बिहार के सिवान और अन्य जिलों में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जहाँ छोटे बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां फिलहाल रोक दी गई हैं। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला गिरते तापमान और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर लिया गया है।
राजस्थान के जिलों में भी ठंड का भारी असर देखा जा रहा है। जयपुर, सीकर और हनुमानगढ़ जैसे क्षेत्रों में स्कूलों की छुट्टियों को आगे बढ़ा दिया गया है। कहीं-कहीं स्कूल खुल भी रहे हैं, तो उनका समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच रखा गया है ताकि सुबह की कड़ाके की ठंड से बचा जा सके। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो 15 जनवरी के बाद ही तापमान में कुछ सुधार होने की संभावना है, तब तक लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।इस बदलते मौसम में डॉक्टरों ने भी विशेष हिदायत दी है कि बुजुर्ग और बच्चे सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें। गर्म कपड़ों का उचित प्रयोग करें और शरीर को गर्म रखने वाले खान-पान पर ध्यान दें। उत्तर भारत के लोगों के लिए आने वाले कुछ दिन अभी और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, इसलिए सतर्क रहना और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।





