मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर : जिले के कुंवारपुर वन परिक्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के नाम पर अवैध उत्खनन करने का मामला सामने आया है. ग्रामीणों का आरोप है कि जिस सरकारी योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को सड़क सुविधा देना है, उसी की आड़ में जंगल से खुलेआम अवैध उत्खनन किया जा रहा है. वन विभाग की कार्रवाई ने इस पूरे खेल का पर्दाफाश किया.
मार्केशन वाली जगह पर नहीं हो रहा था निर्माण
चांटी सर्कल क्षेत्र में जिस स्थान पर सड़क निर्माण की अनुमति और डिमार्केशन किया गया था, वहां एक इंच भी काम नहीं हुआ. इसके बजाय जंगल के अंदर दूसरी जगहों से मिट्टी निकाली गई और भारी मशीनों के जरिए परिवहन किया गया. वन विभाग की पेट्रोलिंग टीम ने मौके पर दबिश देकर 6 ट्रैक्टर और एक जेसीबी मशीन को जब्त किया. यह कार्रवाई न होती तो जंगल से अवैध उत्खनन का यह सिलसिला बेरोकटोक
कानून का उल्लंघन करने पर कार्रवाई
भरतपुर क्षेत्र के उप वन मंडलाधिकारी विकास ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि डिमार्केशन के बाहर किया गया उत्खनन वन कानून का सीधा उल्लंघन है और इसमें शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. विभाग ने वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया है और जुर्माने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
जिम्मेदार अधिकारियों ने भी नहीं दिया ठोस जवाब
वहीं पीएमजीएसवाई विभाग की सफाई ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं. विभाग का कहना है कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि सड़क निर्माण गलत जगह किया जा रहा है. लेकिन सवाल ये है कि करोड़ों की योजना में बिना जानकारी के मशीनें कैसे चलती रहीं?
यह मामला सिर्फ अवैध उत्खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी योजनाओं की निगरानी व्यवस्था पर भी बड़ा सवालिया निशान है.अगर वन विभाग समय पर कार्रवाई नहीं करता, तो जंगल को होने वाला नुकसान शायद कभी सामने ही नहीं आता. फिलहाल वन विभाग की जांच जारी है, लेकिन अब देखना यह है कि कार्रवाई सिर्फ वाहनों की जब्ती तक सीमित रहती है या जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी पर भी ठोस कदम उठाए जाते हैं.





