छत्तीसगढ़

बिहान योजना से बदल रही जिंदगी, लखपति दीदी बनकर आगे बढ़ रहीं जिले की महिलाएँ*

*बिहान योजना से बदल रही जिंदगी, लखपति दीदी बनकर आगे बढ़ रहीं जिले की महिलाएँ*

*श्रीमती हेमिन रात्रे और श्रीमती मीना रात्रे हुई आत्मनिर्भर*

कवर्धा,जनवरी 2026। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की मदद से कबीरधाम जिले की महिलाएँ आज आत्मनिर्भर बन रही हैं। वे अब केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि काम करके परिवार की आमदनी भी बढ़ा रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत चल रही बिहान योजना ने महिलाओं के जीवन में एक नई रोशनी लाई है। इसी योजना से जुड़कर कई महिलाएँ आज लखपति दीदी बन चुकी हैं।
कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड की जय सतनाम स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती हेमिन रात्रे और श्रीमती मीना रात्रे इसकी अच्छी मिसाल हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और विभागीय सहायता मिली। इसके बाद उन्होंने मछली पालन को अपने रोजगार का साधन बनाया। एनआरएलएम के सहयोग से सामुदायिक तालाब में वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन शुरू किया गया। सही देखरेख और समय पर भोजन देने से मछली उत्पादन बढ़ा। इससे मछली बेचकर उन्हें नियमित और अच्छी आमदनी होने लगी। अब वे घर के खर्च आसानी से चला पा रही हैं और बचत भी कर रही हैं।
आज ये महिलाएँ लखपति दीदी बनकर जिले की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। मछली पालन से मिली आय ने उनकी आर्थिक स्थिति ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और समाज में सम्मान भी बढ़ाया है। श्रीमती हेमिन रात्रे और श्रीमती मीना रात्रे बताती हैं कि पहले उनका जीवन केवल घर तक सीमित था। काम करने की इच्छा थी, लेकिन पैसे की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पाईं। स्व-सहायता समूह से जुड़ने और बिहान योजना के तहत ऋण मिलने के बाद उन्होंने मछली पालन शुरू किया, जो आज उनकी आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन गया है। अब वे घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ परिवार की आर्थिक मजबूती में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। समाज और रिश्तेदारों के बीच उनकी एक नई पहचान बनी है, जिससे उनका आत्मसम्मान और हौसला दोनों बढ़े हैं।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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