नईदिल्ली/रायपुर। केन्द्रीय चुनाव आयोग ने मंगलवार को छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, केरल और अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के लिए मसौदा मतदाता सूची जारी कर दी। तीन राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश से करीब 95 लाख मतदाता हटाए गए हैं। छत्तीसगढ़ में कुल 2.12 करोड़ मतदाताओं में से 27.34 लाख के नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर कर दिए गए हैं। इसी प्रकार मध्य प्रदेश में 5.74 करोड़ मतदाताओं में से 42.74 लाख नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर किए गए हैं। केरल में 2.78 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से 24.08 लाख नाम हटाए गए हैं। अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में कुल 3.10 लाख मतदाताओं में से लगभग 64 हजार के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटे हैं, वे अब भी फिर से शामिल होने के लिए आवेदन कर सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी और इस पर अंतिम निर्णय निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी लेंगे।
छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का विस्तृत ब्यौरा सामने आया है। राज्य में कुल 2.12 करोड़ मतदाताओं में से 27.34 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए हैं। एसआईआर प्रक्रिया के तहत कुल 1 करोड़ 84 लाख 95 हजार 920 मतदाताओं से एनरोलमेंट फॉर्म एकत्र किए गए। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार जांच के दौरान 6 लाख 42 हजार 234 मतदाताओं की मृत्यु की पुष्टि हुई। इसके अलावा 19 लाख 13 हजार 540 मतदाता स्थानांतरण या अनुपस्थित पाए गए, जबकि 1 लाख 79 हजार 43 मतदाता ऐसे मिले जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर मतदाता सूची में दर्ज थे।
मध्य प्रदेश 42.74 लाख मतदाताओं के नाम हटाए
चुनाव आयोग ने मंगलवार को मध्य प्रदेश की मसौदा मतदाता सूची जारी कर दी। आयोग द्वारा जारी की गई एसआईआर मतदाता सूची में 42.74 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। राज्य चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य में कुल 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 निर्वाचकों में से 5 करोड़ 31 लाख 31 हजार 983 निर्वाचकों ने अपने गणना प्रपत्र जमा किए हैं। मसौदा सूची से जो 42 लाख से अधिक नाम काटे गए हैं। उसमें 31.51 लाख मतदाता शिफ्ट हो गए या अनुपस्थित मिले। वहीं 8.46 लाख मतदाता मृत पाए गए। इसके अलावा 2.77 लाख मतदाताओं के एक से अधिक जगहों पर नाम पाए गए। मध्य प्रदेश निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि कुछ निर्वाचक ऐसे रहे, जिनसे गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हो सके। इसके पीछे कई कारण रहे। निर्वाचक का अन्य राज्य में पंजीकरण, व्यक्ति का अस्तित्व में न होना, समय सीमा तक प्रपत्र जमा न करना अथवा स्वयं मतदाता का पंजीकरण में रुचि न लेना। इसके अलावा, एक से अधिक स्थानों पर नामांकित पाए गए निर्वाचकों का नाम केवल एक स्थान पर ही रखा जाएगा।
केरल में हटाए गए 24 लाख से अधिक नाम
केरल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत तैयार किया गया मतदाता सूची का मसौदा मंगलवार को निर्वाचन आयोग ने प्रकाशित किया, जिसमें से 24 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण के गणना चरण के पूरा होने के बाद मसौदा सूची में 2,54,42,352 मतदाताओं को शामिल किया गया है, जबकि 24,08,503 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। हटाए गए नामों में से 6,49,885 मृत मतदाता हैं, 6,45,548 मतदाताओं का पता नहीं लगाया जा सका और 8,16,221 मतदाताओं की पहचान उनके पंजीकृत पते से स्थायी रूप से स्थानांतरित होने के रूप में की गई। इसके अतिरिक्त, 1,36,029 ‘डुप्लिकेट’ मतदाताओं और अन्य श्रेणियों के अंतर्गत आने वाले 1,60,830 मतदाताओं की पहचान की गई। पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू होने से पहले केरल की मतदाता सूची में 2,78,50,855 मतदाता थे। मतदाता सूची से हटाए गए नामों का प्रतिशत 8.65 है। मसौदा सूची से संबंधित आपत्तियां और शिकायतें 22 जनवरी तक जमा की जा सकती हैं और अंतिम मतदाता सूची 21 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी।
अंडमान निकोबार में 64 हजार के नाम ड्राफ्ट सूची से हटे
अंडमान निकोबार द्वीप समूह में चलाए गए एसआईआर अभियान के बाद मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशन कर दिया गया है। अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में कुल 3.10 लाख मतदाताओं में से लगभग 64 हजार के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं। कुल तीन लाख 10 हजार 404 फार्म से 2 लाख 46 हजार 390 गणना फॉर्म वापस मिले। ड्राफ्ट सूची के मुताबिक 9191 वोटर मृत मिले, 51906 मतदाता बाहर शिफ्ट हो गए, 2917 ऐसे मतदाताओं थे, जिनके नाम मतदाता सूची में दो बार मिले।
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