रामपुर: किसान तुलाराम ने इस बार अपने 20 बीघा खेत में खास किस्म चिप्सोना आलू की बुवाई कर रहे हैं. इस आलू की खासियत यह है कि ये कम समय में तैयार होने, अच्छे साइज और बेहतर पैदावार के लिए जानी जाती है. तुलाराम बताते हैं कि इस किस्म में प्रति बीघा लगभग 20 क्विंटल आलू की पैदावार मिल रही है. आलू का आकार अच्छा है, स्वाद बढ़िया है और बाजार में इसकी अच्छी मांग बनी हुई है
तीन महीने में तैयार हो जाता है चिप्सोना आलू
तुलाराम के अनुसार, चिप्सोना आलू लगभग तीन महीने में तैयार हो जाता है, जिससे किसान जल्दी फसल निकालकर बाजार में बेच सकते हैं. आलू की अच्छी पैदावार के लिए खेत की तैयारी सबसे महत्वपूर्ण है. पहले गहरी जुताई कराई गई ताकि मिट्टी भुरभुरी हो जाए. इसके बाद दो से तीन बार हल्की जुताई और पाटा चलाया गया ताकि खेत समतल हो सके.
साथ ही, गोबर की सड़ी खाद और जल निकास की सही व्यवस्था की गई, ताकि फसल स्वस्थ रहे. क्षेत्र में आलू की बुवाई अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े से नवंबर के पहले हफ्ते के बीच होती है. तुलाराम ने भी इसी समय स्वस्थ और रोगमुक्त बीज आलू की बुवाई की.90 दिनों में हो जाता है खुदाई के लिए तैयार
चिप्सोना आलू की एक बड़ी खासियत यह है कि यह करीब 90 दिनों में खुदाई के लिए तैयार हो जाता है. नए आलू की बाजार कीमत लगभग 15 रुपए प्रति किलो है, जबकि पुराने आलू की कीमत 10 रुपए प्रति किलो है. जल्दी तैयार होने की वजह से किसान सही समय पर फसल बेच सकते हैं और अच्छी कीमत पा सकते हैं.तुलाराम का मानना है कि अगर किसान सही किस्म का चुनाव, समय पर बुवाई, संतुलित खाद और सिंचाई पर ध्यान दें, तो आलू की खेती से अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. चिप्सोना जैसी किस्में कम समय में तैयार होकर किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही हैं.





