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अगर आप नहीं सुधरे तो मुझे आपको छोड़ने का…’, कथावाचक जया किशोरी ने कही दिल की बात

जया किशोरी ने 7 साल की उम्र में ही अपनी आध्यात्मिक यात्रा शुरू कर दी थी. आध्यात्मिक माहौल में पली-बढ़ी होने के कारण उनका झुकाव धीरे-धीरे भक्ति की ओर गया और वह फेमस कथावाचक और मोटिवेशनल स्पीकर बन चुकी हैं. वह अक्सर इंटरव्यूज और पॉडकास्ट में जाती रहती हैं और अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बारे में काफी डिटेल में बताती हैं. कुछ समय पहले जया ने डिटैचमैंट और किसी को माफ करने की बात पर अपनी राय रखी. उन्होंने बताया कि कब वह लोगों से दूर हो जाती हैं.

 कहती हैं जया?

जया ने बताया, ‘मेरा डिटैचमेंट स्ट्रॉन्ग है. यदि 1 पर्सेंट भी अगर मेरे मन में आपके लिए प्यार है ना तो मैं तब तक दरवाजा खुला रखूंगी. मैंने दरवाजा बंद उसी दिन किया जिस दिन मेरी भावना ही खत्म हो जाएगी. मुझे मलाल नहीं रहता छोड़ने का.’मैंने पूरा मौका दिया, मैंने अपना हंड्रेड पर्सेंट दिया…उसके बाद भी अगर आप नहीं सुधरे तो अब मुझे आपको छोड़ने का कोई मलाल ही नहीं है कि कोई बात नहीं मैंने जो किया बिल्कुल सही किया. आप लायक नहीं हैं उस रिश्ते के.’जया किशोरी का असली नाम जया शर्मा है और उनका जन्म राजस्थान में हुआ था. हालांकि उनके पिता काफी साल पहले ही अपना बिजनेस छोड़कर कोलकाता शिफ्ट हो गए थे. उनके पिता का नाम शिव किशोर शर्मा और माताजी का नाम सोना शर्मा है. उनकी छोटी बहन का नाम चंद्राणी शर्मा है.जया किशोरी ने अपनी स्कूली शिक्षा कोलकाता से ही की. साथ ही उन्होंने संगीत और आध्यात्मिक ग्रंथों का भी अध्ययन शुरू कर दिया था. बचपन में ही उन्होंने सुंदरकांड और भागवत गीता का पाठ करना सीख लिया था. हालांकि उनका नाम और बोलने के तरीके कारण उनका नाम देश के फेमस युवा कथावाचकों में गिना जाता है जिनकी काफी अधिक फैन फॉलोइंग है.

Manoj Mishra

Editor in Chief

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