शिक्षा और स्वास्थ

गमले में आसानी से उग जाएगा लौंग का पौधा, गार्डनिंग गुरू ने बताया नींबू में लौंग गाड़ने वाला टोटका, तेजी से होगा असर

लौंग न सिर्फ एक खूशबूदार मसाला है, बल्कि इसका पौधा उगाना भी एक अच्छा एक्सपीरियंस साबित हो सकता है। आमतौर पर लौंग के बीज का अंकुरण मुश्किल माना जाता है, लेकिन गार्डनिंग गुरु ने एक अनोखा और कारगर टोटका बताया है, जिसमें लौंग को नींबू के स्लाइस में गाड़कर रोपा जाता है।यह तरीका लौंग को तेजी से अंकुरित होने और सड़ने से बचाने में मदद करता है। अब अगर आप गमले में लौंग का पौधा उगाने चाहते हैं तो यह खास टोटका आजमाकर देख लीजिए। हालांकि आपको सही मिट्टी लेने के साथ ही पौधे की देखभाल भी करनी होगी। ताकि ग्रोथ तेजी से हो और पौधा हेल्दी रहे।सबसे पहला और सबसे सही लौंग का चयन करें। आपको केवल ताजी लौंग का इस्तेमाल करना है, पुरानी लौंग नहीं लेना है। ताजी लौंग में तेल की मात्रा अधिक होती है, जिससे अंकुरण की संभावना बढ़ जाती है। लगभग 10 से 15 अच्छी क्वालिटी की लौंग चुनें, जिनमें उनका ऊपरी ‘फूल’लगा हो। इन लौंग को 2 से 3 घंटे के लिए साफ पानी में भिगोकर रख दें। भिगोने से लौंग की बाहरी परत थोड़ी मुलायम हो जाती है।यह तकनीक लौंग को मिट्टी में सड़ने से बचाती है और उसे अंकुरित होने के लिए सही नमी और एसिडिक वातावरण देती है। आप तय समय बाद लौंग को पानी से निकालें। एक ताजा नींबू लें और उसे काटकर दो स्लाइस कर लें। अब एक नींबू के टुकड़े में 6 से 8 भिगोई हुई लौंग को इस तरह गाढ़ दें कि उसका कुछ हिस्सा नींबू के गूदे के अंदर रहे। नींबू का रस लौंग को फंगस या फफूंदी से बचाएगा और उसे लगातार नमी देता रहेगा, जिससे लौंग के अंकुरण की गति तेज होगी।लौंग को तेजी से बढ़ने के लिए हल्की, भुरभुरी और पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी की जरूरत होती है। गमले की मिट्टी को तैयार करने के लिए, वर्मीकंपोस्ट, नीम की खली और कोकोपीट को आपस में मिलाएं। वर्मीकंपोस्ट पौधे को जरूरी पोषक तत्व देता है। नीम की खली मिट्टी को कीटों और फंगस से बचाती है। जबकि कोकोपीट मिट्टी को हल्का और भुरभुरा रखती है, साथ ही नमी को बनाए रखने में मदद करती है, जो अंकुरण के लिए जरूरी है।अब गमले में तैयार मिट्टी लें। नींबू के जिस टुकड़े में लौंग गाढ़ी हुई है, उसे सीधे मिट्टी में रख दीजिए। ध्यान रहे कि नींबू का स्लाइस मिट्टी की सतह से थोड़ा ही नीचे रहे। अब इस नींबू के टुकड़े को ऊपर से हल्के हाथों से उपजाऊ मिट्टी की एक पतली परत से ढंक दें। मिट्टी में हल्के हाथों से पानी डालें। ध्यान रखें कि पानी बहुत ज्यादा न हो, क्योंकि मिट्टी गीली होने पर लौंग सड़ सकती है। मिट्टी में केवल हल्की नमी बनी रहनी चाहिए

अंकुरण के बाद पौधे की हेल्दी ग्रोथ के लिए सही जगह रखना और देखभाल करना जरूरी है। गमले को ऐसी जगह पर रखें जहां सीधी तेज धूप न आती हो, लेकिन उसे पर्याप्त रोशनी मिलती रहे। सुनिश्चित करें कि गमले की मिट्टी सूखने न पाए। जब ऊपरी परत सूखी दिखे, तभी फिर से हल्का पानी दें। इस नींबू वाले टोटके से, लौंग जल्दी खराब नहीं होगी और आपको कुछ ही हफ्तों में अंकुरित हो जाएगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे यूट्यूब वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं।  जगन्नाथ डॉट कॉम इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है

Manoj Mishra

Editor in Chief

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