अजब गजब

गुड़हल में खिलेंगे ढेरों फूल, भर जाएगा गमला’ समय पर डाल दो फ्री का एक घोल, कविता जोशी ने बताया आसान तरीका

गुड़हल का पौधा हर गार्डन की शान कहलाता है। इसके बड़े-बड़े लाल फूल ना सिर्फ देखने में खूबसूरत लगते हैं बल्कि भगवान को चढ़ाने के काम भी आते हैं। लेकिन इसमें ढेरों फूल तभी खिलते हैं जब उन्हें सही पोषण मिले। तो इसके लिए बाजार से महंगे केमिकल फर्टिलाइजर खरीदने की गलती ना करें।

दरअसलल गार्डनिंग एक्सपर्ट कविता जोशी ने एक शानदार और बिलकुल मुफ्त का तरीका बताया है जिससे आपका गुड़हल का गमला फूलों से भर जाएगा। अच्छी बात है कि इस ट्रिक में किचन से निकलने वाला कचरा इस्तेमाल होता है। किचन के कचरे से पोषक तत्वों से भरपूर जैविक खाद बन जाएगी।इस घोल को बनाने के लिए आलू के छिलके, प्याज के छिलके और लहसुन के छिलके या अन्य बिना पकाए हुए सब्जी और फलों के छिलकों का इस्तेमाल करना है। क्योंकि आलू के छिलके में पोटेशियम भरपूर मात्रा में होता है, जो गुड़हल में ज्यादा फूल लाता है।    प्याज के छिलके सल्फर, पोटेशियम और कई सूक्ष्म पोषक तत्वों का स्रोत होते हैं, जो पौधे की इम्यूनिटी बढ़ाते हैं।जबकि लहसुन के छिलके में एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो पौधों को बीमारियों और कीड़ों से बचाते हैं। इस नुस्खे के लिए आपको कुछ भी खरीदने की जरूरत नहीं है। बस छिलके एक जगह इकट्ठा करते रहें।फर्टिलाइजर बनाना इतना आसान है कि कोई भी, यहां तक कि गार्डनिंग में नए लोग भी, इसे आसानी से कर सकते हैं। इकट्ठा किए गए किचन के कचरे को लें और उन्हें एक बर्तन या बाल्टी में डालें। अब इसमें सादा पानी डालें और इस मिश्रण को सिर्फ 3 दिनों के लिए ढककर किसी छायादार जगह पर रख दें।तीन दिनों में छिलकों के अंदर मौजूद सारे पोषक तत्व पानी में घुल जाते हैं और पानी का रंग हल्का बदल जाता है। समय ना हो तो छिलकों को मिक्सर में पीसकर भी तुरंत पानी में घोलकर इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन भिगोने से पोषक तत्व ज्यादा अच्छे से बाहर आते हैं।तीन दिन बाद, घोल पौधों में डालने के लिए तैयार है, लेकिन इसे सीधा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह बहुत गाढ़ा होता है। तैयार घोल को किसी जाली या कपड़े से अच्छी तरह से छान लें। छिलकों को अलग निकाल लें और लिक्विड फर्टिलाइजर के 1 भाग में 2 या 3 गुना सादा पानी मिलाकर उसे पतला करें।तेजी से बढ़ाता है और फूल का आकार भी बड़ा करता है। तैयार किए गए पतले घोल को सीधे पौधे की मिट्टी में डालें। ध्यान रखें कि यह पानी देने के जैसा होना चाहिए, न कि बहुत ज्यादा। इसे गुलाब, मोगरा, फलों के पौधे और यहां तक कि सब्जियों के पौधों में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

सिर्फ फर्टिलाइजर से ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य बातों का ध्यान रखकर गुड़हल के गमले को फूलों से भर सकते हैं। गुड़हल को रोज़ाना कम से कम 5-6 घंटे की सीधी धूप मिलनी चाहिए। धूप फूलों के खिलने के लिए बहुत जरूरी है।हर साल फूलों का मौसम शुरू होने से पहले, गुड़हल की हल्की छंटाई जरूर करें।

गुड़हल पर जब कोई फूल सूख जाए, तो उसे तुरंत हटा दें। इससे पौधे की ऊर्जा बीज बनाने में बर्बाद नहीं होती और वह नई कलियाँ बनाने में लगाता है। गमले की मिट्टी को हमेशा हल्का नम रखें, लेकिन पानी को जमने न दें।

डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे यूट्यूब वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं।  जगन्नाथ डॉट कॉम इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है।

 

 

Manoj Mishra

Editor in Chief

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