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आजम से मिलने 8 अक्टूबर को रामपुर जाएंगे अखिलेश, अगले दिन है मायावती की रैली

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 8 अक्टूबर को रामपुर में पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां से मुलाकात करने जाएंगे। यह मुलाकात सपा के भीतर एकता को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह मुलाकात मायावती की नौ को होनी वाली रैली से ठीक एक दिन पहले होगी। मायावती ने नौ अक्टूबर को लखनऊ में बड़ी रैली आयोजित की है। मंगलवार को ही आजम खां 23 महीने बाद जेल से जमानत पर बाहर आए हैं। उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद से ही सपा से संबंधों को लेकर तरह-तरह की अटकलें लग रही थीं। इन अटकलों पर भी आजम खां ने बुधवार को ही विराम लगाया।सपा की तरफ से अखिलेश का कार्यक्रम भी रामपुर प्रशासन को जारी कर दिया गया है। इसके अनुसार अखिलेश यादव आठ अक्तूबर को अमौसी एयरपोर्ट से बरेली एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। इसके बाद सुबह करीब 11:30 पर आजम खां के घर पहुंच जाएंगे। वहां करीब एक घंटा रुकने के बाद लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे। अखिलेश यादव पिछली बार कुंदरकी विधानसभा सीट पर उपचुनाव के दौरान नवंबर 2024 को आजम खां के परिजनों से मिलने गए थे। करीब 11 महीने बाद अखिलेश यादव एक बार फिर आज़म खां के परिजनों से मिलेंगे। अखिलेश लगातार सवाल उठाते रहे हैं कि आज़म खां को झूठे मुकदमों में फंसाया गया है।

अखिलेश के निशाने पर रामपुर विधायक और मुरादाबाद मंडलायुक्त

मुरादाबाद। आजम की रिहाई को लेकर अखिलेश यादव का एक बयान सोशल मीडिया में चर्चा में हैं। जिसमें वह कह रहे हैं कि आजम खां का जेल से रिहा होना खुशी की बात है पर उनके साथ अब अन्याय न हो। सरकार और खासकर रामपुर के विधायक व एक्सटेंशन पर एक्सटेंशन पाने वाले एक अधिकारी अब अन्याय न करें।

आजम खां की सीतापुर जेल से रिहाई के बाद अखिलेश यादव ने इलेक्ट्रानिक मीडिया को दिए इंटरव्यू में यह बयान दिया। अब यह बयान चर्चा में है जिसमें उन्होंने पांच बार एक्सटेंशन पर एक्सेटेंशन बोलते हुए मुरादाबाद के मंडलायुक्त की ओर से बिना नाम लिए इशारा किया। उन्होंने बयान में कहा कि आजम खां सपा के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। उनकी रिहाई खुशी की बात है हम सभी खुश हैं लेकिन अब कोई भी उनके साथ अन्याय नहीं हो। सरकार और खासकर रामपुर के विधायक व एक्सटेंशन पर एक्सटेंशन पाने वाले अधिकारी अब अन्याय नहीं करें। अखिलेश यादव ने मंडलायुक्त पर पूर्व में भी अपने बयानों में कई बार निशाना साधा। इसके अलावा एक बार फिर आजम खां की रिहाई के बाद उनका एक्सटेंशन वाला बयान चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया पर उनका बयान खूब चल रहा है।

आजम खां ने अखिलेश यादव के प्रति बुधवार को ही निष्ठा भी जताई। सभी अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि अखिलेश मेरे अजीज हैं, मैं उनका भला और उनकी सरकार चाहता हूं। इससे सपा में उनकी निष्ठा और एकता का संदेश भी गया है। माना जा रहा है कि अखिलेश की रामपुर यात्रा आजम खां के साथ उनके संबंधों को और मजबूत करेगी।

बसपा में शामिल होने की अटकलों पर आजम खां ने साफ कहा कि हम बिकाऊ माल नहीं हैं, हमने यह साबित कर दिया है। हमारे पास चरित्र नाम की एक चीज है, जिसे हमने संभालकर रखा है। उन्होंने कहा-लोग हमारी इज्जत करते हैं, यह हमारे लिए काफी है। शायद हमारे चरित्र की वजह से ही लोग सम्मान देते हैं। बसपा के 9 अक्तूबर को लखनऊ में होने वाले कार्यक्रम में भागीदारी के सवाल पर आजम ने तंज कियाजिनका कार्यक्रम है, उन्हें मुबारक। हम बिकाऊ माल नहीं हैं, इतने दिनों में यह साबित कर चुके हैं।

अपने चिर-परिचित अंदाज में आजम ने मीडिया के सवालों का जवाब दिया। जब पूछा गया कि सैफई और रामपुर के बीच दूरियां हैं, अखिलेश यादव ने फोन किया या नहीं, सपा का कोई शीर्ष नेता आपसे मिलने क्यों नहीं आया। इस पर आजम मुस्कुराए और बोले-आग मत लगाओ। वैसे भी बड़े नेताओं को लेने बड़े नेता जाते हैं, मैं तो छोटा-सा कार्यकर्ता हूं।

अखिलेश यादव के फोन करने के सवाल पर आजम ने कहा-यकीन मानिए, मुझे कोई नंबर याद नहीं था। बस मेरी बीवी का नंबर याद था, लेकिन पांच साल जेल की कोठरी में रहकर वह भी भूल गया। किसी से फोन पर बात होने का सवाल ही नहीं उठता।

अखिलेश यादव के इस बयान पर कि 2027 में सपा की सरकार आने पर आजम खां पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे, उन्होंने कहा-मैं भविष्यवाणी नहीं कर सकता। रही बात मुकदमे वापस लेने की, तो उसकी जरूरत ही नहीं पड़ेगी। मुझ पर दर्ज मुकदमों में दम होता तो मैं बाहर नहीं आता। मुझे छोटी अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पूरा भरोसा है, एक दिन मैं बेदाग साबित होऊंगा।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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