सेहत

जहर की तरह कड़वे, लेकिन सेहत के लिए अमृत समान हैं ये पत्ते, 1 चम्मच जूस भी पी लिया तो होगा चमत्कार !

आयुर्वेद में बीमारियों का इलाज जड़ी-बूटियों और पेड़-पौधों से किया जाता रहा है. हमारे आसपास मिलने वाले कई पेड़-पौधों में औषधीय गुणों का खजाना होता है, जिसका सही तरीके से इस्तेमाल करके गंभीर बीमारियों से निजात मिल सकती है. कई पौधों के पत्तों का रस बेहद लाभकारी होता है और उससे सेहत को कमाल के फायदे मिलते हैं. पपीते के पत्तों को भी देसी दवाओं का भंडार माना जाता है. अक्सर आपने डेंगू के मरीजों को पपीते के पत्तों का रस पीते हुए देखा होगा, लेकिन इन पत्तों के फायदे अनगिनत हैं. पपीता फल ही नहीं, बल्कि इसके पत्ते भी कमाल कर सकते हैं.लंबे समय से एशियाई देशों में पपीता के पत्तों का उपयोग बीमारियों से निजात पाने में किया जाता रहा है. आयुर्वेद में पपीता के पत्तों को वरदान माना गया है और कई चिकित्सा प्रणालियों में इन पत्तों को दवाओं के साथ मिलाकर हर्बल मेडिसिन की तरह इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि पपीता के पत्तों के फायदों पर कई रिसर्च हुई हैं और उनमें भी इसका लोहा माना गया है. स्टडीज की मानें तो पपीता के पत्तों में एंटी-डेंगू, एंटी-कैंसर, एंटी-डायबिटिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी और न्यूरोप्रोटेक्टिव गुण होते हैं. हालांकि रिसर्च में कहा गया है कि पपीता के पत्तों के रस में कुछ ऐसे तत्व होते हैं. जो शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं. ऐसे में इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के बाद ही करें.माना जाता है कि मलेरिया और डेंगू बुखार से राहत के लिए पपीते के पत्ते उबालकर इनका रस पीना चाहिए. कई रिसर्च में दावा किया गया है कि पपीते के पत्तों का अर्क डेंगू के मरीजों में प्लेटलेट काउंट और व्हाइट व रेड ब्लड सेल्स को तेजी से बढ़ाने में मददगार हो सकता है. वैज्ञानिकों की मानें तो पपीते के पत्तों में 50 से अधिक कंपाउंड्स की पहचान की गई है, जो कई बीमारियों से राहत दिला सकते हैं. पपीते के पत्तों में ग्लाइकोसाइड्स, फ्लेवोनोइड्स, एल्कलॉइड्स, सैपोनिन्स, फेनोलिक यौगिक, अमीनो एसिड, लिपिड, कार्बोहाइड्रेट, एंजाइम, विटामिन और खनिजों की मात्रा होती है. हालांकि सभी को बिना वजह इन पत्तों का अर्क नहीं पीना चाहिए और एक्सपर्ट की सलाह के बाद ही इनका उपयोग करें.यूपी के अलीगढ़ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सरोज गौतम ने  जगन्नाथ डॉट कॉम को बताया कि पपीता के पत्ते में कसाय रस होता है, जो शरीर की कई परेशानियों से राहत दिला सकता है. डेंगू और वायरल बुखार के मरीजों को पपीता के पत्तों का अर्क पीने की सलाह दी जाती है, लेकिन इसे दवा का विकल्प नहीं माना जाता है. दवाओं के साथ पपीता के पत्तों का अर्क लिया जा सकता है, जिससे प्लेटलेट काउंट बढ़ सकता है और पेट की समस्याएं दूर हो सकती हैं. हालांकि अगर किसी को पपीता के पत्तों का अर्क पीने के बाद परेशानी होने लगे, तो इसका सेवन नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से मिलकर कंसल्ट करना चाहिए.

Manoj Mishra

Editor in Chief

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