छत्तीसगढ़

पटाखा दुकानों में अग्नि सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी

*पटाखा दुकानों में अग्नि सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी*

*नियमों का पालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई, सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य*

कवर्धा, अक्टूबर 2026। जिले में संचालित समस्त स्थायी एवं अस्थायी पटाखा दुकानों में आगजनी की घटनाओं की रोकथाम तथा जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नगर सेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं तथा एसडीआरएफ मुख्यालय, छत्तीसगढ़, सेक्टर-19, अटल नगर, नवा रायपुर द्वारा आवश्यक एडवाइजरी जारी की गई है। इसके तहत पटाखा दुकानदारों को अग्नि सुरक्षा से संबंधित निर्धारित नियमों एवं सावधानियों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन नियामावली, 2021 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जिला सेनानी द्वारा सभी पटाखा दुकानदारों से अपील की गई है कि वे निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें। सुरक्षा नियमों की अनदेखी से आगजनी की घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है, जिससे जान-माल की क्षति होने की आशंका रहती है। अतः दुकानदार स्वयं सतर्क रहें तथा आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

पटाखा दुकानों के लिए जारी प्रमुख दिशा-निर्देश

पटाखा दुकानें कपड़े, बांस, रस्सी, टेंट अथवा अन्य ज्वलनशील सामग्री से निर्मित नहीं होनी चाहिए। दुकानों का निर्माण अज्वलनशील सामग्री से बने टिन शेड से किया जाना चाहिए। पटाखा दुकानों के बीच कम से कम 3 मीटर की दूरी रखना अनिवार्य होगा। दुकानों का निर्माण एक-दूसरे के ठीक सामने नहीं किया जाना चाहिए। दुकानों में प्रकाश की व्यवस्था के लिए तेल के लैंप, गैस लैंप अथवा खुली बिजली बत्ती का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। पटाखा दुकानों के 50 मीटर के दायरे में आतिशबाजी का प्रदर्शन नहीं किया जाना चाहिए। दुकानों में विद्युत तारों के जोड़ खुले नहीं होने चाहिए। प्रत्येक मास्टर स्विच में फ्यूज अथवा सर्किट ब्रेकर की व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे शॉर्ट सर्किट की स्थिति में विद्युत प्रवाह स्वतः बंद हो सके। पटाखा दुकानें ट्रांसफार्मर के पास नहीं होनी चाहिए तथा उनके ऊपर से हाईटेंशन विद्युत लाइन नहीं गुजरनी चाहिए।

प्रत्येक पटाखा दुकान में 5 किलोग्राम क्षमता का डीसीपी अग्निशमन यंत्र उपलब्ध होना चाहिए, ताकि आग लगने की स्थिति में तत्काल नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें। दुकानों के सामने उचित अंतराल पर 200 लीटर क्षमता वाले पानी के ड्रम तथा आवश्यकतानुसार बाल्टियों की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। पटाखा दुकानों के सामने बाइक एवं कार की पार्किंग नहीं की जानी चाहिए, ताकि आगजनी की स्थिति में बचाव एवं राहत कार्यों में बाधा उत्पन्न न हो। अग्निशमन विभाग एवं एम्बुलेंस के संपर्क नंबर दुकान परिसर में प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किए जाने चाहिए, जिससे आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त की जा सके। पटाखा दुकानों के आसपास अग्निशमन वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया जा सके।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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