*प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कों का अधीक्षण अभियंता ने किया निरीक्षण*
*वर्षा ऋतु में क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत के दिए निर्देश*
*सड़कों की गुणवत्ता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने पर जोर*
कवर्धा, अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की गुणवत्ता और आवागमन की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण, परियोजना मंडल दुर्ग के अधीक्षण अभियंता श्री पी.मोहन राव सोनी ने कबीरधाम जिले में संचालित सड़क निर्माण एवं संधारण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने बोड़ला और पंडरिया विकासखंड की विभिन्न सड़कों की स्थिति का जायजा लेते हुए वर्षा ऋतु में क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने तथा निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण और संधारण कार्यों में गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता ने मुख्य मार्ग से मांदाघाट, सरोधा लालपुर रोड से रामचुवा, भोरमदेव मार्ग, बोड़ला से भोरमदेव मार्ग, मुख्य मार्ग से मोहगांव, मुख्य मार्ग से पांडातराई, पांडातराई से बैजलपुर, मुख्य मार्ग से सरईसेत, मुख्य मार्ग से बोक्करखार, दलदली से बनगौरा, मुख्य मार्ग चेन्द्रादार से पीपरखुंटा, मुख्य मार्ग खरिया से मुड़घुसरी तथा सलगी से भुरसीपकरी मार्ग के संधारण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को वर्षा ऋतु के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की प्राथमिकता से मरम्मत कराने और नियमित संधारण के माध्यम से सड़कों को आवागमन के अनुकूल बनाए रखने के निर्देश दिए।
अधीक्षण अभियंता ने प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत स्वीकृत शंभूपीपर से बरहापानी सड़क का भी निरीक्षण कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता का परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़क का कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न योजनाओं के तहत निर्माणाधीन सभी सड़कों में निर्धारित तकनीकी मानकों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता ने विभागीय अभियंताओं और ठेकेदारों को निर्माण एवं संधारण कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों में लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर इसे गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने संबंधित ठेकेदारों को पुनरीक्षित कार्ययोजना कार्यपालन अभियंता, परियोजना क्रियान्वयन इकाई, कवर्धा के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा कर निर्धारित समय में निर्माण कार्य पूर्ण कराया जा सके।





