*सुदूर वनांचल में बैगा छात्र-छात्राओं ने बताए सपने, कलेक्टर ने दिखाई कैरियर की नई राह*
*कलेक्टर ने पोलमी के बैगा आवासीय विद्यालय में छात्राओं से किया संवाद, रुचि के अनुसार करियर काउंसलिंग कराने के दिए निर्देश*
*मेहनत और सही मार्गदर्शन से हर सपना हो सकता है साकार– कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति*
*कलेक्टर ने विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा आवासीय विद्यालय पोलमी का किया निरीक्षण*
कवर्धा, अक्टूबर 2026। पंडरिया के सुदूर वनांचल पोलमी स्थित विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा आवासीय विद्यालय में बुधवार को कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति छात्रों के बीच पहुंचीं। कक्षा 10वीं की छात्रों से पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी पूछते-पूछते जब उन्होंने भविष्य का सपना जाना तो किसी ने शिक्षक बनने की इच्छा जताई, किसी ने डॉक्टर बनने की, तो किसी ने सेना में जाने की बात कही। कलेक्टर ने कहा कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती। मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन मिले तो वनांचल की बेटियां भी हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकती हैं।
कलेक्टर ने छात्राओं से कहा वे डॉक्टर, इंजीनियर, कृषि वैज्ञानिक, मत्स्य वैज्ञानिक, भाषा विशेषज्ञ, अंतरिक्ष वैज्ञानिक के साथ विमान चालक भी बन सकती हैं। कलेक्टर ने छात्राओं से यह भी पूछा कि उनकी सबसे अधिक रुचि किन विषयों में है। उन्होंने कहा कि हर दिन सभी विषयों का थोड़ा-थोड़ा रिविजन करें। सिर्फ अच्छे नंबर लाना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि विषय को समझकर पढ़ना जरूरी है। समझ के साथ पढ़ाई करने से आगे की पढ़ाई और करियर का रास्ता आसान होता है।
छात्रों की रुचि के अनुसार करियर मार्गदर्शन के दिए निर्देश
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने छात्राओं से उनकी रुचि के विषयों और भविष्य में किए जाने वाले कार्यों को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को छात्राओं के लिए नियमित करियर काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं को अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्ध शिक्षा, रोजगार और करियर की संभावनाओं की जानकारी दी जाए, ताकि वे अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार लक्ष्य निर्धारित कर सकें और उसी दिशा में तैयारी कर सकें
छात्रावास और रसोई की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बालक एवं बालिका छात्रावास की व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने बच्चों के लिए उपलब्ध बेड और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली तथा आवश्यक मरम्मत के लिए स्टीमेट तैयार कराने के निर्देश दिए। छात्राओं से छात्रावास में रहने, भोजन और किसी तरह की परेशानी के बारे में सीधे जानकारी ली। उन्होंने भोजन कक्ष और रसोई का भी निरीक्षण किया। भोजन तैयार करने की व्यवस्था और स्वच्छता का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को परिसर में साफ-सफाई रखने तथा छात्राओं को सभी जरूरी सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।





