छत्तीसगढ़

31 किस्तों में मिले 31 हजार से ब्यूटी पार्लर का काम आगे बढ़ाया, अब घर से बाहर निकलकर बना रहीं अपनी पहचान*

*महतारी वंदन से मिला संबल, ब्यूटी पार्लर से नीलिमा ने संवारी अपनी जिंदगी*

*31 किस्तों में मिले 31 हजार से ब्यूटी पार्लर का काम आगे बढ़ाया, अब घर से बाहर निकलकर बना रहीं अपनी पहचान*

कवर्धा,  सितंबर 2026। कभी घर की जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली ग्राम रबेली की निवासी नीलिमा लांझकर अब अपने हुनर को नई पहचान दे रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 31 किस्तों में मिले 31 हजार रुपए उनके लिए आर्थिक संबल बने हैं। नीलिमा ने इस राशि का उपयोग अपने ब्यूटी पार्लर के काम को आगे बढ़ाने में किया। योजना से मिले सहयोग और अपनी मेहनत के बल पर वह अब घर से बाहर निकलकर काम कर रही हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
नीलिमा बताती हैं कि पहले उनका अधिकांश समय घरेलू काम-काज में ही बीतता था। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अपने हुनर को व्यवसाय का रूप देने का अवसर नहीं मिल पाता था। महतारी वंदन योजना से नियमित आर्थिक सहायता मिलने के बाद उन्होंने अपने काम को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया। प्राप्त राशि से ब्यूटी पार्लर से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में उन्हें मदद मिली।
ब्यूटी पार्लर का काम शुरू करने के बाद नीलिमा के लिए घर से बाहर निकलकर काम करने का अवसर बना। अब वह अपने हुनर के माध्यम से लोगों को सेवाएं दे रही हैं। काम से जुड़ने के साथ उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ा है। वह भविष्य में अपने ब्यूटी पार्लर के काम को और विस्तार देने की इच्छा रखती हैं। नीलिमा के लिए महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि ने अपने काम में निवेश करने का अवसर दिया। उनका कहना है कि नियमित आर्थिक सहयोग से उन्हें अपने काम को व्यवस्थित करने और आगे बढ़ाने में सहारा मिला है।
सेवा संकल्प अभियान की ‘सेवा की कहानी’ में नीलिमा की यह यात्रा आर्थिक संबल से अवसर और अवसर से आत्मनिर्भरता तक के बदलाव को सामने लाती है। महतारी वंदन योजना से मिले सहयोग का उपयोग उन्होंने अपने काम में किया और अपनी मेहनत से उसे आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं। आज नीलिमा घरेलू जिम्मेदारियों के साथ अपने काम को भी समय दे रही हैं। उनकी मेहनत और योजना से मिला आर्थिक संबल मिलकर उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ा रहा है।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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