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31 साल पुराना वो गाना जो ‘राणा जी’ जैसा हुआ था सुपरहिट, जूही चावला ने किया था ठेठ देसी डांस, इला अरुण-अलका याग्निक ने बनाया सदाबहार

90 के दशक के बॉलीवुड गानों की बात हो और देसी अंदाज, मजेदार बोल और जबरदस्त डांस का जिक्र न हो, ऐसा कैसे हो सकता है. इसी दौर का एक ऐसा गाना है, जिसे सुनते ही पुराने हिंदी सिनेमा की रंगीन यादें ताजा हो जाती हैं. साल 1995 में आई फिल्म ‘नाजायज’ का गाना ‘दरवाजा खुला छोड़ आई नींद के मारे’ आज भी अपनी अलग धुन और देसी ठेठ अंदाज के लिए याद किया जाता है. गाने में जूही चावला का डांस और अलका याज्ञनिक-इला अरुण की आवाज इसे खास बनाती है. दिलचस्प बात यह है कि इसका अंदाज बाद के लोकप्रिय ‘राणा जी माफ करना’ जैसे गानों की याद भी दिलाता है.

अलका याज्ञनिक और इला अरुण की आवाज ने बनाया गाना खास

‘दरवाजजा खुला छोड़’ को अलका याज्ञनिक और इला अरुण ने गाया था. इसका संगीत अनु मलिक ने तैयार किया था, जबकि गीतकार के तौर पर पुष्पा वर्मा और माया गोविंद के नाम दर्ज हैं. गाने की सबसे खास बात इसका देसी और संवाद जैसा ट्रीटमेंट है. इसमें सवाल-जवाब के अंदाज में आगे बढ़ती पंक्तियां और बीच-बीच में आने वाला ‘टिक-टैप’ साउंड इसे बाकी गानों से अलग बनाता है. आधिकारिक म्यूजिक लिस्टिंग में भी यह गाना नाजायज के 1995 के साउंडट्रैक का हिस्सा दर्ज है और इसकी अवधि करीब 6 मिनट 11 सेकंड है.

इला अरुण की आवाज ने गाने में खास देसी रंग भरा, वहीं अलका याज्ञनिक की आवाज ने इसे बॉलीवुड के पारंपरिक फिल्मी अंदाज से जोड़ा. यही कॉम्बिनेशन गाने की पहचान बन गया. गाने का वीडियो आज देखने पर 90 के दशक की उस शैली की याद दिलाता है, जिसमें कहानी के बीच अचानक ऐसा डांस नंबर आ जाता था, जो फिल्म से अलग अपनी पहचान बना लेता था.

जूही चावला के डांस ने मचाई थी धूम

इस गाने में जूही चावला का अंदाज काफी अलग नजर आता है. आमतौर पर अपनी चुलबुली और रोमांटिक भूमिकाओं के लिए पहचानी जाने वाली जूही ने इस गाने में देसी अंदाज और कॉमिक एक्सप्रेशन के साथ डांस किया. यही वजह है कि गाना फिल्म के बाकी गंभीर माहौल से बिल्कुल अलग रंग लेकर आता है. नाजायज में जूही चावला के साथ अजय देवगन और नसीरुद्दीन शाह मुख्य भूमिकाओं में थे. अजय देवगन ने इंस्पेक्टर जय बख्शी और जूही ने इंस्पेक्टर संध्या का किरदार निभाया था, जबकि नसीरुद्दीन शाह राज सोलंकी के रोल में थे. फिल्म का निर्देशन महेश भट्ट ने और निर्माण मुकेश भट्ट ने किया था.

दरवाजा खुला छोड़’ की प्रस्तुति में जिस तरह देसी हास्य, नृत्य और चटपटे बोल का इस्तेमाल हुआ, उसे देखकर आज के दर्शकों को ‘राणा जी माफ करना’ जैसे बाद के लोकप्रिय गानों की याद आना स्वाभाविक है. हालांकि दोनों गाने अलग फिल्मों और अलग दौर के हैं, लेकिन दोनों में मौजूद लोक-रंग और नाटकीय अंदाज एक समान फील देते हैं.

बॉक्स ऑफिस पर भी सफल रही थी ‘नाजायज’

गाने की लोकप्रियता के साथ फिल्म नाजायज ने भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया था. फिल्म 17 मार्च 1995 को रिलीज हुई थी. बॉक्स ऑफिस इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक इसका बजट करीब 3.25 करोड़ रुपये था और भारत में इसका नेट कलेक्शन करीब 5.90 करोड़ रुपये रहा. वहीं भारत का ग्रॉस कलेक्शन करीब 9.40 करोड़ रुपये और वर्ल्डवाइड ग्रॉस करीब 9.59 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है.

Manoj Mishra

Editor in Chief

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