यूपी के कानपुर में न्यायिक मजिस्ट्रेट आईएएस रिंकू सिंह राही एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने अपनी अदालत की सुनवाई लाइव कर दी। न्यायिक प्रक्रियाओं को लेकर अधिकारियों की सुस्त कार्यशैली पर सुनवाई के दौरान वह नाराज दिखे। गैरहाजिर तहसीलदार पर अदालत की अवमानना के संबंध में कार्रवाई के लिए पत्र लिखा, वहीं संतोषजनक कार्रवाई न होने पर सदर एसडीएम को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का नोटिस जारी किया। राही ने 31 जुलाई की इस न्यायिक कार्यवाही का चार घंटे 27 मिनट का वीडियो अपने फेसबुक हैंडल पर साझा किया है।
हालांकि आपका अपना अखबार हिन्दुस्तान इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। कलेक्ट्रेट में न्यायिक मामलों की सुनवाई के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही की अदालत लगती है। परशुराम बनाम हसीना बेगम (वाद संख्या-38) से संबंधित एक मामले की सुनवाई 31 जुलाई को हुई थी। बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार, सुनवाई के दौरान जैसे ही न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले को पुकारा, पता चला कि तहसीलदार श्रीश कुमार मिश्र उपस्थित नहीं हैं। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अदालत की कार्यवाही को मजाक बनाकर रखा गया है। ऐसी स्थिति में सुनवाई कैसे संभव होगी।बताया गया कि उन्होंने तहसीलदार को फोन कर तत्काल अदालत में उपस्थित होने का अवसर भी दिया, लेकिन तहसीलदार ने फोन काट दिया। तहसीलदार के रवैये पर नाराजगी जताते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उनके खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है। वहीं, न्यायिक कार्यवाही के संबंध में संतोषजनक रिपोर्ट न मिलने पर सदर एसडीएम उत्तम कुमार को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है। इसके लिए 6 अगस्त की तिथि निर्धारित की गई है।
वकीलों ने उठाई रिंकू सिंह के ट्रांसफर की मांग
रिंकू सिंह के खिलाफ उरई कलेक्ट्रेट की बार एसोसिएशन के वकीलों ने मोर्चा खोल दिया है। रिंकू सिंह के व्यवहार और काम करने के तौर-तरीकों पर सवाल उठाते हुए वकीलों ने डीएम राजेश कुमार पांडे को ज्ञापन सौंपा है। वकीलों की मांग है कि रिंकू सिंह का तत्काल ट्रांसफर किया जाए। वकीलों ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि रिंकू सिंह का बर्ताव उनके प्रति सही नहीं है। रिंकू सिंह के काम करने का तरीका वकीलों का उत्पीड़न करने वाला है।वकीलों का कहना है कि इस तरह के माहौल में उनके लिए काम करना संभव नहीं है। वकीलों के मुताबिक, 3 अगस्त को उरई कलेक्ट्रेट के जिला बार एसोसिएशन भवन में उपाध्यक्ष ओम नारायण सिंह की अध्यक्षता में सभी राजस्व वकीलों की एक बैठक बुलाई गई थी। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर कहा गया कि जब तक रिंकू सिंह राही का ट्रांसफर नहीं किया जाता और वकीलों की समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक राजस्व न्यायालयों में सहयोग नहीं किया जाएगा।





