भीलवाड़ा. आमतौर पर आपने कई प्रकार के हलवों का स्वाद जरूर लिया होगा. प्री-मानसून की बारिश के साथ अब धीरे-धीरे मानसून का सीजन भी शुरू होने वाला है. ऐसे में बारिश और हल्की ठंडक के मौसम में कुछ मीठा और पौष्टिक खाने का मन हो तो चने की दाल का हलवा एक बेहतरीन विकल्प है. यह राजस्थान के कई हिस्सों में बड़े चाव से बनाया जाता है. चने की दाल में भरपूर मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, आयरन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. यही वजह है कि यह हलवा स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर को ऊर्जा देने वाला भी माना जाता है. इसे घर में आसानी से कम सामग्री के साथ तैयार किया जा सकता है. इस हलवे को बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता और इसे कोई भी आसानी से तैयार कर सकता है.शहर की रमेश चंद्र व्यास कॉलोनी निवासी दीपिका ने बताया कि वैसे तो हलवे कई प्रकार के होते हैं, जिनका स्वाद लाजवाब होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि चने की दाल का हलवा भी तैयार किया जा सकता है. यह बहुत कम मेहनत में बन जाता है और खाने की थाली का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ मिठाई का बेहतरीन विकल्प भी बन सकता है. बाजार की मिठाइयों की तुलना में घर का बना हलवा अधिक ताजा, स्वच्छ और अपनी पसंद के अनुसार तैयार किया जा सकता है. सही सामग्री और आसान विधि अपनाकर आप कम समय में ऐसा हलवा बना सकते हैं, जिसका स्वाद बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद आएगाचने की दाल का हलवा बनाने के लिए सबसे पहले एक कप चने की दाल को 4 से 5 घंटे तक पानी में भिगो दें. इसके बाद दाल का पानी निकालकर उसे दरदरा पीस लें. अब एक कड़ाही में 4 से 5 चम्मच देसी घी गर्म करें और उसमें पिसी हुई दाल डालकर धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए सुनहरा होने तक भूनें. जब दाल से अच्छी खुशबू आने लगे और उसका रंग हल्का भूरा हो जाए, तब इसमें स्वादानुसार चीनी और एक कप गर्म दूध या पानी डालें. आखिर में इलायची पाउडर, कटे हुए बादाम, काजू और पिस्ता डालकर कुछ मिनट तक पकाएं. तैयार है स्वादिष्ट चने की दाल का हलवा.
सेहत के लिए भी है फायदेमंद
यह हलवा सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. चने की दाल में मौजूद प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है, जबकि फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में सहायक होता है. इसमें मौजूद आयरन शरीर में खून की कमी को दूर करने में मदद कर सकता है. देसी घी शरीर को ऊर्जा देता है और सूखे मेवे इसमें अतिरिक्त पोषण जोड़ते हैं. हालांकि, इसे संतुलित मात्रा में ही खाना चाहिए, खासकर उन लोगों को जो मधुमेह या वजन बढ़ने की समस्या से जूझ रहे हैं.





