नई दिल्ली:
दिल्ली से एक और बुलेट ट्रेन चलाने का ऐलान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कर दिया है. ये बुलेट ट्रेन दिल्ली, यूपी, बिहार से होकर बंगाल तक जाएगी. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन हाईस्पीड कॉरिडोर के बाद इस नए रूट पर काम शुरू किया जाएगा. ये बुलेट ट्रेन दिल्ली के साथ लखनऊ, वाराणसी, पटना जैसे बड़े शहरों को जोड़ेगी और बंगाल के सिलिगुड़ी तक जाएगी. इससे राजधानी, दुरंतो जैसी ट्रेनों से अभी दिल्ली से कोलकाता तक 20-22 घंटे का सफर महज 6-7 घंटे रह जाएगा. अश्विनी वैष्णव ने अपने कोलकाता दौरे में दिल्ली सिलीगुड़ी हाईस्पीड कॉरिडोर की घोषणा की है. पश्चिम बंगाल में 1 लाख करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं को रफ्तार देने की घोषणा भी रेल मंत्री ने की. आइए जानते हैं कि इसके स्टेशन कहां-कहां होंगे.
दिल्ली सिलिगुड़ी बुलेट ट्रेन (Delhi Siliguri Bullet Train)
दिल्ली सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर देश के चार बड़े राज्यों दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को कनेक्ट करेगा. ये दो अलग-अलग हाई स्पीड कॉरिडोर को जोड़ेगा. पहला रूट इसमें दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड कॉरिडोर होगा. दूसरा हिस्सा वाराणसी-पटना-सिलिगुड़ी हाई स्पीड कॉरिडोर होगा. मोदी सरकार ने बजट में इस बुलेट ट्रेन परियोजनाओं को प्राथमिकता वाले प्लान में रखा है.
दिल्ली वाराणसी सिलिगुड़ी बुलेट ट्रेन रूट के स्टेशन
दिल्ली वाराणसी सिलिगुड़ी ट्रेन नई दिल्ली से चलकर उत्तर प्रदेश के नोएडा, मथुरा, आगरा, इटावा, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर जैसे शहरों को जोड़ेगी. बिहार में ये पटना से गुजरेगी. फिर पश्चिम बंगाल के उत्तरी इलाके और टूरिस्ट प्लेस सिलिगुड़ी तक जाएगी.
बुलेट ट्रेन के स्टेशन
- नई दिल्ली
- नोएडा (जेवर एयरपोर्ट)
- मथुरा
- आगरा
- इटावा
- लखनऊ
- प्रयागराज
- वाराणसी
- गाजीपुर
- पटना
- सिलिगुड़ी (न्यू जलपाईगुड़ी के करीब)
- असम के गुवाहाटी तक विस्तार संभव
बुलेट ट्रेन से 20 घंटे का सफर सिर्फ 6 घंटे में
दिल्ली से सिलिगुड़ी तक रेल यात्रा में अभी राजधानी एक्सप्रेस या दुरंतो एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों से 18 से 20 घंटे का वक्त लगता है. बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के बाद दिल्ली से सिलिगुड़ी 1500 किलोमीटर का सफर महज 6 घंटे में तय होगा. बुलेट ट्रेन 250 से 300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी.
बुलेट ट्रेन की स्पीड
- दिल्ली से वाराणसी: लगभग 3 घंटे 50 मिनट
- दिल्ली से पटना : 4 घंटे 20 मिनट
- वाराणसी से सिलिगुड़ी: लगभग 2 घंटे 55 मिनट
दिल्ली से सिलिगुड़ी बुलेट ट्रेन परियोजना
दिल्ली सिलिगुड़ी हाईस्पीड कॉरिडोर को उत्तर भारत को पूर्वोत्तर भारत के प्रवेश द्वार से जोड़ने का काम करेगा. इससे बड़ी आबादी वाले यूपी और बिहार जैसे राज्यों को भी फायदा होगा और इन राज्यों में ट्रेनों में भारी भीड़ से निपटा जाएगा. दिल्ली हावड़ा रूट का ज्यादातर हिस्सा भी कवर हो जाएगा.रेल मंत्री का कहना है कि बंगाल में समेत अन्य रेल परियोजनाओं पर 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हो रहा है.पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वारा सिलीगुड़ी को चिकन नेक (Chicken Neck) कॉरिडोर कहा जाता है. ये पूर्वोत्तर भारत (North East) को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है. इस बुलेट ट्रेन से पर्यटन के साथ सेना और रसद की आवाजाही भी बेहद आसान होगी.
बुलेट ट्रेन के लिए भूमि अधिग्रहण
दिल्ली वाराणसी हाईस्पीड कॉरिडोर का विस्तार कर सिलिगुड़ी तक ले जाने वाला बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट देश का दूसरा सबसे बड़ी हाईस्पीड रेल परियोजना होगी. मुंबई अहमदाबाद हाईस्पीड कॉरिडोर पहला है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और बंगाल के अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण में तेजी लाने का भरोसा दिया है. दिल्ली और वाराणसी में भी अलायनमेंट और भूमि अधिग्रहण संबंधी काम जल्द शुरू होगा.
कोलकाता मेट्रो पर भी घोषणा
वैष्णव ने कहा, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जब रेल मंत्री थीं, तब बंगाल को रेलवे से सिर्फ 4 हजार करोड़ रुपये मिलते थे. अब एनडीए की पीएम मोदी की अगुवाई वाली सरकार में 2026-27 के लिए 14205 करोड़ रुपये मिले हैं.कई परियोजनाएं अनुमति न मिलने से अटकी रहीं. कोलकाता मेट्रो जैसे कई मामलों में तो टीएमसी सरकार अदालत तक चली गई. कोलकाता मेट्रो के लिए 60 नेक्स्ट जेनरेशन ट्रेनें शुरू की जाएंगी.पश्चिम बंगाल में 100 से ज्यादा अटकी रेलवे परियोजनाओं को नई रफ्तार दी जाएगी. बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सभी रेल परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने समेत सभी तरह के सहयोग का भरोसा रेल मंत्री को दिया.





