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NEET Story: पढ़ाई के लिए 18 की उम्र में शादी, गोद में 5 महीने की बच्ची, सानिया ने पकड़ी डॉक्टर बनने की जिद

जब हौसले और जिद के आगे किस्मत को भी घुटने टेकने पड़ जाएं तो सानिया जैसी कहानियां जन्म लेती हैं. दिल्ली की रहने वाली 20 साल की सानिया की दास्तान किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. ऐसे रूढ़िवादी समाज और परिवार में जन्मीं सानिया, जहां लड़कियों की किस्मत चूल्हे-चौके और जल्दी शादी में बांध दी जाती है, वहां उन्होंने डॉक्टर बनने का सपना देखा. जब 10वीं शादी का दबाव बढ़ा तो उन्होंने घुटने टेकने के बजाय ऐसा रास्ता चुना, जिससे समाज सन्न रह गया. उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए सिर्फ 18 साल की उम्र में अपने प्यार विशाल से Inter-religion शादी कर ली.शादी के बाद जहां लड़कियों का करियर अक्सर थम जाता है, वहीं सानिया की असली लड़ाई शुरू हुई. आज वह सिर्फ 20 साल की हैं, उनकी गोद में 5 महीने की मासूम बच्ची (एलीजा) है, लेकिन उनकी आंखों में नीट परीक्षा पास कर डॉक्टर बनने का जुनून आज भी उतना ही ताजा है. इंस्टाग्राम पर @dr_neetmom नाम से मशहूर हो चुकीं सानिया की   सिर्फ किसी छात्रा के संघर्ष की नहीं है, बल्कि मातृत्व, प्यार और सपनों के लिए किए जाने वाले उस महा-संग्राम की कहानी है, जो देश के लाखों युवाओं के लिए इस वक्त सबसे बड़ा मोटिवेशन बन चुकी है.

रूढ़िवादिता के खिलाफ 18 साल की उम्र में बगावत

सानिया का जन्म दिल्ली के बेहद रूढ़िवादी मुस्लिम परिवार में हुआ था, जहां लड़कियों की उच्च शिक्षा को लेकर खास सपोर्ट नहीं था. सानिया ने डॉक्टर बनने की इच्छा जताई तो विरोध शुरू हो गया. 10वीं पास करते ही शादी का दबाव बनाया जाने लगा. सानिया जानती थीं कि अगर वह झुकीं तो उनका डॉक्टर बनने का सपना मिट जाएगा. इसलिए उन्होंने अपने प्यार विशाल से शादी करने की ठानी. वह उनकी पढ़ाई का समर्थन करने को तैयार थे. इस अंतरधार्मिक विवाह का परिवार ने भारी विरोध किया, मामला पुलिस और थाने तक भी पहुंचा. लेकिन कानूनी रूप से बालिग सानिया जिद पर अड़ी रहीं और दोनों की शादी हो गई.

बेबी के स्लीप शेड्यूल के हिसाब से बनाया टाइम टेबल

शादी के वक्त सानिया ने स्कूली पढ़ाई भी पूरी नहीं की थी. विशाल के साथ आने के बाद उन्होंने 12वीं पास की. फिर नीट यूजी की तैयारी शुरू की. इसी बीच उन्होंने प्यारी सी बेटी ‘एलीजा’ को जन्म दिया. जब एलीजा सिर्फ 1.5 महीने की थी, सानिया ने अपनी किताबें दोबारा खोल लीं. वह इंस्टाग्राम पर डेली व्लॉग शेयर करती हैं. इसके बायो में उन्होंने बहुत ही प्यारी और दर्दभरी लाइन लिखी है- Studying between baby naps. सानिया बताती हैं कि सोशल मीडिया पर यह सुनने में जितना क्यूट लगता है, असल में उतना ही थकाने वाला है. ऑनलाइन कोचिंग और घर की जिम्मेदारियों के बीच उनकी रातें अक्सर जागते हुए कटती हैं.

पति विशाल बने जंग में सबसे बड़े सारथी

सानिया अपनी इस पूरी लड़ाई का क्रेडिट अपने पति विशाल को देती हैं, जो एक ‘गिग वर्कर’ (Gig Worker) के रूप में काम करते हैं. विशाल आर्थिक तंगी के बावजूद सानिया के सपनों को कभी फीका नहीं पड़ने देते. वह घर के काम करने, बर्तन मांजने से लेकर रात-रात भर जागकर बेटी एलीजा को संभालने तक का सारा काम हंसते-हंसते करते हैं, जिससे सानिया बिना किसी तनाव के नीट यूजी परीक्षा की पढ़ाई पूरी कर सके. सानिया कहती हैं- जब भी मैं थककर रोने लगती हूं या डीमोटिवेट होती हूं तो विशाल मेरा हाथ थामकर कहते हैं कि तुम कर सकती हो.

नीट पेपर लीक के दर्द से उबरने का जज्बा

हाल ही में देशभर में हुए नीट पेपर लीक विवाद और गड़बड़ियों ने सानिया को भी अंदर से तोड़ दिया था. उन्हें लगा कि एक मां होने के नाते वह जो बूंद-बूंद समय बचाकर इतनी कड़ी मेहनत कर रही हैं, क्या इस सिस्टम में उसकी कोई कीमत है? वह टूट चुकी थीं, लेकिन एक बार फिर उनके पति और उनके अंदर की मां ने उन्हें ढांढस बंधाया. सानिया अब दोबारा पूरी ताकत से मैदान में हैं. उनकी कहानी साबित करती है कि अगर आपके पास अपनी जिद का पक्का इरादा और समझने वाला जीवनसाथी हो तो दुनिया की कोई भी रूढ़िवादी दीवार या मातृत्व की जिम्मेदारी आपके सपनों का रास्ता नहीं रोक सकती.

Manoj Mishra

Editor in Chief

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