जिले के सिरोड़ी निवासी हर्षित कुमार संघवी अगले माह 27 जून को सांसारिक जीवन का त्याग कर दीक्षा ग्रहण करेंगे। उन्हें सूरिमंत्र समाराधक आचार्यदेव रविरत्नसूरीश्वर एवं अन्य साधु-साध्वियों की मौजूदगी में दीक्षा का शुभ मुहूर्त प्रदान किया गया।सिरोड़ी निवासी 30 वर्षीय मुमुक्षु हर्षित कुमार संघवी, पुत्र जितेंद्रभाई संघवी, दीक्षा का मुहूर्त लेने सिरोड़ी से पावापुरी तीर्थ-जीव मैत्रीधाम पहुंचे। इस दौरान पावापुरी के मुख्य द्वार पर ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ अक्षतों से उनका स्वागत किया गया। इसके बाद उन्हें घोड़ा बग्गी में बैठाकर जुलूस के रूप में मंदिर दर्शन कराते हुए उपाश्रय तक ले जाया गया।
उपाश्रय में हर्षित कुमार ने दीक्षा का शुभ मुहूर्त ग्रहण किया। दीक्षा का मुहूर्त आचार्य कलापूर्णसूरीश्वर के शिष्य आचार्य पूर्णचंद्रसूरीश्वरजी ने मंगल आशीर्वाद के साथ प्रदान किया। हर्षित की दीक्षा 27 जून को सिरोड़ी गांव में आयोजित होगी।
वर्षों पुरानी थी दीक्षा लेने की इच्छा
दीक्षा का मुहूर्त पत्र मिलने पर कंकू और अक्षतों से वधामणा किया गया। इस अवसर पर संगीत की धुन पर मुमुक्षु हर्षित और उनके परिवारजन खुशी से झूम उठे। कई वर्षों से दीक्षा ग्रहण करने की इच्छा रखने वाले हर्षित कुमार अपनी भावना पूर्ण होने पर भावुक नजर आए।
इस मौके पर सिरोड़ी, कृष्णगंज, वेलांगरी, पामेरा, पोसिंतरा और अनादरा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहीं। सभी ने मुमुक्षु हर्षित कुमार और उनके माता-पिता को शुभकामनाएं दीं। पावापुरी ट्रस्ट मंडल की ओर से प्रबंधक सुरेंद्र जैन ने मुमुक्षु हर्षित कुमार, उनकी माता रेखाबेन और पिता जितेंद्रभाई संघवी का तिलक, माला और साफा पहनाकर अभिनंदन किया।
सूरिमंत्र पीठिका जाप साधना शुरू
इस अवसर पर आचार्य रविरत्नसूरीश्वर ने सूरिमंत्र साधना भी कराई। पांचवीं बार की चौथी श्रीदेवी पीठिका का जाप प्रारंभ किया गया, जो आगामी 25 दिनों तक मौनपूर्वक चलेगा। इस दौरान पावापुरी तीर्थ निर्माता के.पी. संघवी परिवार के प्रमुख किशोरभाई संघवी, ट्रस्टी संघवी नवलमल तातेड़ और महावीर जैन सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।
सूरिमंत्र पीठिका जाप साधना शुरू
इस अवसर पर आचार्य रविरत्नसूरीश्वर ने सूरिमंत्र साधना भी कराई। पांचवीं बार की चौथी श्रीदेवी पीठिका का जाप प्रारंभ किया गया, जो आगामी 25 दिनों तक मौनपूर्वक चलेगा। इस दौरान पावापुरी तीर्थ निर्माता के.पी. संघवी परिवार के प्रमुख किशोरभाई संघवी, ट्रस्टी संघवी नवलमल तातेड़ और महावीर जैन सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।





