भारत के पूर्वोत्तर राज्य नागालैंड की खान-पान संस्कृति बेहद विविध और अनोखी है. यहां की जनजातियां ऐसे व्यंजन खाती हैं जो बाकी देश के लिए काफी अजीब और एक्सोटिक लगते हैं. इनमें से एक चर्चित डिश है थुलाक (Thulak), जिसमें येलो स्ट्रिप्ड स्पाइडर को गर्म तेल में तलकर तैयार किया जाता है.स्थानीय लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं. मकड़ी को अच्छे से साफ करने के बाद उसे गर्म तेल में डीप फ्राई किया जाता है. तलने के बाद यह सुनहरी और कुरकुरी हो जाती है. लोग इसे नमक, मिर्च और स्थानीय मसालों के साथ मिलाकर खाते हैं. कई बार इसे चावल, स्थानीय सब्जियों या मांस की डिश के साथ साइड डिश के रूप में परोसा जाता है. कुछ लोग इसे स्थानीय राइस बियर या अन्य ड्रिंक्स के साथ एन्जॉय करते हैं.स्वाद है दिलचस्प
नागालैंड के कई गांवों और बाजारों में यह डिश आसानी से मिल जाती है. विशेष मौकों, त्योहारों या मेहमानों के आने पर थुलाक बनाई जाती है. स्थानीय लोग मानते हैं कि मकड़ी में प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है और यह शरीर के लिए अच्छी होती है. तलने की प्रक्रिया में मकड़ी का कोई भी संभावित जहर पूरी तरह नष्ट हो जाता है, इसलिए इसे सुरक्षित माना जाता है. येलो स्ट्रिप्ड स्पाइडर मुख्य रूप से नागालैंड, मणिपुर और आसपास के क्षेत्रों में पाई जाती है. इनका शरीर पीला-भूरा और धारियों वाला होता है. स्थानीय लोग इन्हें जंगलों या खेतों से इकट्ठा करते हैं. कुछ जगहों पर इन्हें खास तरीके से पाला भी जाता है. सोशल मीडिया पर थुलाक और तली हुई मकड़ियों के वीडियो अक्सर वायरल होते रहते हैं.
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