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शौर्य और पराक्रम की जीवंत गाथा ‘जाणता राजा’ के समापन समारोह में शामिल हुए संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल

रायपुर राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक साइंस कॉलेज ग्राउंड में छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग द्वारा आयोजित विश्वविख्यात महानाट्य ‘जाणता राजा’ का भव्य समापन समारोह अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। समापन समारोह में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल शामिल हुए। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर तथा आदिम जाति विकास विभाग के सचिव सोनमणि बोरा भी उपस्थित थे।

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छत्रपति शिवाजी महाराज के अद्वितीय शौर्य, रणनीति, राष्ट्रभक्ति और लोक-कल्याणकारी शासन की गाथा पर आधारित इस ऐतिहासिक महानाट्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। भव्य मंच सज्जा, सजीव अभिनय, प्रभावशाली प्रकाश एवं ध्वनि संयोजन तथा ऐतिहासिक दृश्यों की जीवंत प्रस्तुति ने मानो इतिहास के स्वर्णिम पन्नों को साकार कर दिया। महान मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित ‘जाणता राजा’ केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि राष्ट्रगौरव और स्वाभिमान की प्रेरक गाथा है। इस विश्वप्रसिद्ध नाट्यकृति की संकल्पना और प्रस्तुति सुप्रसिद्ध रंगकर्मी बाबासाहेब पुरंदरे द्वारा की गई थी, जिसने दशकों से देश-विदेश में दर्शकों को इतिहास से जोड़ा है।

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि जाणता राजा केवल एक नाटक नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास की उस अमर गाथा का सजीव दर्शन है, जिसने हमें स्वराज, स्वाभिमान और सुशासन का मार्ग दिखाया। छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है। उनके आदर्श हमें साहस, संगठन और राष्ट्रभक्ति का संदेश देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर ऐसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आयोजनों का होना हमारे लिए गौरव का विषय है। राज्य सरकार संस्कृति और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। इस प्रकार के आयोजन हमारी नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ते हैं और उन्हें सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।

मंत्री अग्रवाल ने आयोजन की सफलता के लिए छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग, कलाकारों, तकनीकी टीम तथा सभी सहयोगियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी राज्य में ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को प्रोत्साहन दिया जाएगा, ताकि छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर सके। ‘जाणता राजा’ जैसे भव्य ऐतिहासिक मंचन न केवल सांस्कृतिक चेतना को जागृत करते हैं, बल्कि सांस्कृतिक पर्यटन को भी नई दिशा देते हैं। रायपुर में इस आयोजन ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं में इतिहास के प्रति नई जिज्ञासा और गर्व की भावना उत्पन्न की। समापन अवसर पर पूरा परिसर “जय भवानी, जय शिवाजी” के उद्घोष से गूंज उठा, जिसने वातावरण को राष्ट्रभाव से ओतप्रोत कर दिया।

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Manoj Mishra

Editor in Chief

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