प्रदेश आबकारी एवं कराधान विभाग ने प्रदेश के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग ने एक डिफाल्टर शराब कारोबारी से बकाया राशि वसूलने के लिए उसकी संपत्ति को कुर्क कर नीलाम कर दिया है। एक अन्य डिफाल्टर शराब कारोबारी के दो ट्रक ही बेच दिए। पूर्व में केवल जुर्माना लगाकर छोड़े जाने की परिपाटी को तोड़ते हुए विभाग ने इस कड़े कदम से स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी राजस्व को चूना लगाने वालों को अब किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यह मामला कांगड़ा के उपमंडल शाहपुर का है, जहां नगरोटा का एक शराब कांट्रैक्टर पिछले एक साल से करीब 20 लाख रुपए के भुगतान में आनाकानी कर रहा था। विभाग ने नियमानुसार कई नोटिस जारी किए, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर सख्त रुख अपनाते हुए कारोबारी की अटैच की गई भूमि को नीलाम कर दिया। इस नीलामी से 2 लाख 51 हजार रुपए की वसूली की जा चुकी है, जबकि शेष 17.5 लाख रुपए के लिए अन्य संपत्तियों की जांच जारी है।
उक्त शराब का ठेका कारोबारी ने अपनी पत्नी के नाम पर लिया था और आबंटन के समय चार कनाल 13 मरले जमीन अटैच की थी। विभाग का आरोप है कि कार्रवाई से बचने के लिए शातिर तरीके से जमीन का बड़ा हिस्सा पति के नाम स्थानांतरित कर दिया गया और केवल 10 मरले जमीन ही पत्नी के नाम छोड़ी गई। विभाग ने इसी 10 मरले जमीन को कुर्क कर इसकी नीलामी प्रक्रिया पूरी की है। महकमे ने ठेकेदार द्वारा विभाग के साथ की गई ठगी पर सख्ती करते हुए अन्य संपत्तियों को लेकर फाइल बना दी है। विभाग ने जिला कांगड़ा के ही दो अन्य बड़े शराब कारोबारियों को चिन्हित कर लिया है, जो भुगतान में डिफॉल्ट कर रहे हैं। आने वाले दिनों में उनकी संपत्तियां भी कुर्क की जा सकती हैं। नूरपुर क्षेत्र में भी विभाग के एक शराब कारोबारी द्वारा समय पर धनराशि जमा न करवाने पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके दो ट्रकों को सेल कर बड़ा संदेश दिया है।





