छत्तीसगढ़

महिलाओं को वैज्ञानिक पद्धति से मुर्गी पालन विधि बताई

पिथौरा ब्लाक के ग्राम बगारपाली में बुधवार को पशुपालन विभाग ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को मुर्गियों के वैज्ञानिक पालन की बारीकियों से अवगत कराकर उनकी आय में वृद्धि करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ पशु चिकित्सक डॉ. मनोज शुक्ला ने महिलाओं को बताया कि कैसे वैज्ञानिक तरीके अपनाकर कम लागत में अधिक लाभ कमाया जा सकता है। उन्होंने निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उन्नत नस्ल की ऐसी मुर्गियों का चयन जो अधिक अंडे देती हैं। समय पर टीकाकरण, कृमिनाशक दवाएं और स्वच्छता बनाए रखे। मुर्गियों के लिए संतुलित आहार का प्रबंधन ताकि वे स्वस्थ रहें और उत्पादन बढ़े। उप संचालक (पशु चिकित्सा सेवाएं) डॉ. अंजना नायडू ने उपस्थित महिलाओं को विभाग की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा स्व-सहायता समूह की महिलाओं को अंडा देने वाली मुर्गी पालन के लिए अनुदान और तकनीकी सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से सुदृढ़ होकर सशक्त बन सकेंगी। समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए उन्हें पशुपालन और अन्य जानकारियां शासन स्तर पर प्रदान किया जा रहा है। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन घर चलाने के साथ व्यवसाय की ओर भी कदम बढ़ा सकेंगी। इस मौके पर जनपद सदस्य नारायण ध्रुव, सरपंच केआर ठाकुर, डॉ. आरजी यादव (चल पशु चिकित्सा इकाई), डॉ. दीनानाथ पटेल (प्रभारी पशु चिकित्सालय, पिथौरा) सहित विभिन्न स्व-सहायता समूहों की लगभग 40 महिलाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

पशुपालन के दूसरे विकल्प से भी अवगत कराया गया मुर्गी पालन के साथ-साथ महिलाओं को गाय पालन, बकरी पालन और बैकयार्ड कुक्कुट पालन जैसी योजनाओं के बारे में भी बताया गया। अधिकारियों ने महिलाओं को प्रेरित किया कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ इन सहायक व्यवसायों से जुड़कर अपनी आय को दोगुना कर सकती हैं।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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