छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में आईएएस अफसर देवेश ध्रुव ने कमान संभाल ली है. आज गुरुवार को उन्होंने यहां पदभार ग्रहण किया. इससे पहले वे सुकमा जिले के कलेक्टर थे. इन्हें नक्सल इलाके में काम करने का अच्छा अनुभव है. क्योंकि इससे पहले वे बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा जिले में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. दंतेवाड़ा के लिए सबसे खास बात इस बार भी ये है कि जिले की कमान एक बार फिर से युवा अफसर के हाथों में है.
आइए जानते हैं कौन हैं देवेश ?
देवेश ध्रुव छत्तीसगढ़ के रायपुर के ही रहने वाले हैं. वे साल 2018 बैच के आईएएस अफसर हैं. इन्होंने भी बेहद कम उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की थी. बीटेक की पढ़ाई आईआईटी खड़गपुर से की थी. इसके बाद वे यूपीएससी की तैयारी में जुट गए थे. इसके बाद देवेश को चार बार असफलता मिली थी, लेकिन फिर पांचवे प्रयास में ऑल इंडिया लेवल पर 47वां स्थान हासिल कर आईएएस बने और इन्हें होम कैडर मिला.
चुनौतियों के बीच करेंगे काम
दरअसल दंतेवाड़ा प्रदेश का एक ऐसा जिला है, जहां प्रदेश ही नहीं बल्कि देश की नजर है. यहां कलेक्टर रह चुके युवा आईएएस अफसर ओपी चौधरी, दीपक सोनी, सौरभ कुमार, केसी देव सेनापति ने बदलाव के लिए तमाम नवाचार किए थे. इसके बाद दंतेवाड़ा को न केवल नेशनल बल्कि विश्व स्तर पर ख्याति प्राप्त हुई थी. दंतेवाड़ा के कामों को प्रदेश में मॉडल के रूप में लिया जाने लगा. ऐसे में दंतेवाड़ा पोस्टिंग पर आने वाले हर कलेक्टर के सामने यहां नवाचार लाकर काम करने की बड़ी चुनौती होती है. अब देवेश ध्रुव के सामने भी कुछ ऐसी ही चुनौतियां रहेंगी.




