शायद ही कोई ऐसा घर हो, जहां प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल न किया जाता हो। इस्तेमाल होने के बाद इन्हें लोग अक्सर इन बोतलों को बेकार समझकर फेंक देते हैं। लेकिन ये बोतलें काफी काम आ सकती हैं। इनका उपयोग आप बालकनी को सजाने में कर सकते हैं। दरअसल, इन बोतलों को काटकर खूबसूरत सजावटी फूल बनाए जा सकते हैं, जिन्हें आप अपनी बालकनी की दीवारों, छत या गार्डन को सजाने में इस्तेमाल कर सकते हैं। आइए जानते हैं किस तरह पुरानी बोतलों से सजावटी फूल तैयार करें।
जरूरी सामान
खाली प्लास्टिक की बोतलें
कैंची या कटर
ऐक्रेलिक पेंट या प्लास्टिक पर टिकने वाला रंग
पेंट ब्रश
मार्कर पेन
गोंद या ग्लू गन
मोती, बटन या सजावटी स्टोन
धागा, तार या मजबूत रस्सी
ऐसे तैयार करें सजावटी फूल
सबसे पहले बोतल से उसका लेबल हटा दें और उसे पानी से अच्छी तरह धोकर सुखा लें। बोतल पर चिपचिपाहट या गंदगी नहीं होनी चाहिए। अब बोतल के निचले हिस्से को कैंची या कटर की मदद से अलग कर लें। बोतल के निचले हिस्से में आमतौर पर उभरे हुए खांचे होते हैं, जो फूल की पंखुड़ियों जैसा आकार बनाने में मदद कर सकते हैं।
जरूरत के अनुसार किनारों को गोल या नुकीली पंखुड़ियों का आकार दे सकते हैं। इस तरह आपको एक सुंदर फूल का बेस मिलेगा। किनारों को बहुत नुकीला न छोड़ें, ताकि सजावट करते समय हाथों में चोट लगने का खतरा कम रहे। फूल का आकार तैयार होने के बाद उसमें रंग भरने की बारी आती है। आप अपनी पसंद के अनुसार लाल, पीला, गुलाबी, नीला, बैंगनी या सफेद रंग चुन सकते हैं। अगर घर की सजावट हल्के रंगों में है, तो पेस्टल शेड्स वाले फूल खूबसूरत लगेंगे।
वहीं, बालकनी या गार्डन के लिए चमकीले रंगों का इस्तेमाल किया जा सकता है। फूल के बाहरी किनारों पर एक रंग और बीच में दूसरा रंग लगाकर इसे आकर्षक बना सकते हैं। रंगों की पहली परत सूखने के बाद जरूरत के अनुसार दूसरी परत भी लगा सकते हैं। अब फूल को सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए उसके बीच में बड़ा मोती, पुराना बटन या सजावटी स्टोन लगा सकते हैं। चाहें तो छोटे-मोटे मोतियों से भी बीच का हिस्सा सजा सकते हैंबालकनी की खाली दीवार पर छोटे-बड़े फूलों को मिलाकर फूलों का बेल जैसा डिजाइन बना सकते हैं। रेलिंग या दीवार पर इन्हें लगाने के लिए फूलों के पीछे मजबूत धागा या तार जोड़ सकते हैं। इन्हें इस तरह लगाएं कि हवा चलने पर ये आपस में टकराएं नहीं। गार्डन में किसी दीवार, लकड़ी के बोर्ड या पुराने गमले के बाहरी हिस्से पर भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।





