बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक और शिक्षक के पदों पर होने वाली लिखित परीक्षाओं पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश कृष्णराम महापात्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने भर्ती विज्ञापन में दिव्यांग अभ्यर्थियों के आरक्षण से जुड़े विवाद को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मिली जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक और शिक्षक पदों पर सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस भर्ती विज्ञापन में तय की गई शर्तों और आरक्षण रोस्टर की व्यवस्था पर आपत्ति दर्ज कराते हुए अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय की शरण ली। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी कि भर्ती प्रक्रिया में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण लागू करने के तरीके में गंभीर चूक हुई है। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि भर्ती विज्ञापन में दिव्यांग वर्ग के लिए आरक्षित पदों की व्यवस्था तो की गई है, लेकिन पूर्णतः दृष्टिबाधित उम्मीदवारों को इसका लाभ नहीं दिया गया है। इस व्यवस्था के कारण दृष्टिबाधित अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने और सहायक शिक्षक पद पर नियुक्ति का अवसर पाने से वंचित हो रहे हैं। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।
11 व 25 अक्टूबर को होनी थी परीक्षा
लिखित परीक्षा के आयोजन को लेकर कर्मचारी चयन आयोग की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक भर्ती 2026 के अंतर्गत कुल 2,292 पदों पर भर्ती की जानी है। इन पदों को दो अलग-अलग संवर्गों में विभाजित करके भर्ती प्रस्तावित की गई है। घोषित कार्यक्रम के मुताबिक सहायक शिक्षक पद के लिए 11 अक्तूबर को लिखित परीक्षा आयोजित होनी थी। वहीं शिक्षक पद के लिए परीक्षा की तिथि 25 अक्तूबर निर्धारित की गई थी। आरक्षण रोस्टर पर उठे विवाद और उच्च न्यायालय के आदेश के बाद फिलहाल भर्ती परीक्षा टल गई है।
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