चमेली (मोगरा) की भीनी-भीनी और मदहोश कर देने वाली खुशबू किसे पसंद नहीं है? जब आंगन या बालकनी में चमेली के सफेद-सफेद फूल खिलते हैं, तो पूरा घर महक उठता है. लेकिन कई बार तमाम देखभाल और पानी देने के बाद भी हमारा हरा-भरा पौधा फूलों से खाली रहता है, जो वाकई काफी निराशाजनक होता है.
अगर आपके पौधे के साथ भी ऐसा ही हो रहा है, तो परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. सच तो यह है कि चमेली को सामान्य देखभाल के अलावा थोड़ी सी एक्स्ट्रा केयर की मांग होती है. कुछ बेहद आसान, घरेलू और नेचुरल ट्रिक्स को अपनाकर आप अपने इस पौधे को तेजी से फूलों से भर सकते हैं.आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही आसान और असरदार उपाय, जिनकी मदद से आपका चमेली का पौधा कुछ ही दिनों में सुंदर और खुशबूदार फूलों से लहलहा उठेगा.
चमेली के पौधे में ऐसे आएंगे फूल-
एप्सम सॉल्ट और छाछ का इस्तेमाल
चमेली के पौधे में अगर नई कलियां नहीं आ रही हैं, तो उसकी देखभाल में थोड़ा बदलाव करके फर्क देखा जा सकता है. घर पर एप्सम सॉल्ट (Epsom Salt) और खट्टी छाछ का हल्का घोल इस्तेमाल किया जाता है. इसके लिए 1 लीटर पानी में 1 चम्मच एप्सम सॉल्ट और आधा गिलास बहुत खट्टी छाछ मिलाएं. शाम के समय इसे पौधे की जड़ों के आसपास डाल सकते हैं. एप्सम सॉल्ट से मैग्नीशियम मिलता है, जबकि छाछ मिट्टी में सूक्ष्मजीवों की गतिविधि को सपोर्ट कर सकती है. हालांकि, इसे बहुत ज्यादा मात्रा में या बार-बार इस्तेमाल करने से बचें.नई कलियों के लिए करें पौधे की सही छंटाई
चमेली में फूलों के लिए सही छंटाई (Pruning) भी जरूरी है. पौधे से सूखी, कमजोर और पुरानी टहनियां हटा दें. जरूरत से ज्यादा घनी शाखाओं को भी थोड़ा कम करें, ताकि नई शाखाओं को बढ़ने की जगह मिल सके. नई शाखाएं अच्छी तरह विकसित होंगी तो आगे उनमें फूल आने की संभावना भी बढ़ेगी. छंटाई हमेशा साफ और तेज औजार से करें, ताकि पौधे को अनावश्यक नुकसान न पहुंचे.
रोजाना धूप मिलेगी तो खिलेंगे ज्यादा फूल
चमेली के पौधे को भरपूर धूप (Sunlight) मिलना भी बेहद जरूरी है. इसे ऐसी जगह रखें जहां रोजाना कई घंटे अच्छी रोशनी और सीधी धूप मिले. बहुत कम रोशनी वाली जगह पर पौधा हरा तो रह सकता है, लेकिन फूल कम आ सकते हैं. साथ ही गमले में पानी जमा न होने दें, क्योंकि लगातार गीली मिट्टी जड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है. पानी तभी दें जब ऊपर की मिट्टी कुछ सूखी महसूस हो.
किचन की इन चीजों से दें पौधे को पोषण
पौधे की ग्रोथ के लिए घर में मौजूद कुछ चीजों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. जैसे केले के सूखे छिलके का पाउडर खाद में मिलाकर दिया जा सकता है, क्योंकि इसमें पोटैशियम होता है. दाल या चावल धोने का पानी भी कभी-कभार पौधों में इस्तेमाल किया जाता है. इस्तेमाल की हुई चायपत्ती देने से पहले उसे अच्छी तरह धोकर सुखा लें और बहुत कम मात्रा में कंपोस्ट के साथ इस्तेमाल करें. गीली या ज्यादा चायपत्ती सीधे गमले में डालने से फफूंद या कीटों की समस्या हो सकती है.नियमित देखभाल से चमेली होगी फूलों से गुलजार
सबसे जरूरी बात है कि चमेली के पौधे की देखभाल में नियमितता रखें. धूप, पानी, छंटाई और पोषण का संतुलन सही रहेगा तो पौधा धीरे-धीरे मजबूत होगा और फूल आने की संभावना बढ़ेगी. एप्सम सॉल्ट-छाछ वाले घोल को बार-बार डालने के बजाय सीमित मात्रा में इस्तेमाल करें और पौधे की प्रतिक्रिया पर नजर रखें. सही देखभाल के साथ चमेली की नई शाखाओं पर कलियां आने लग सकती हैं और फूल खिलने पर घर भी इसकी खूबसूरत खुशबू से महक उठेगा.





