भिलाई। दुर्ग पुलिस द्वारा साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में उपयोग किए जा रहे म्यूल बैंक खातों पर लगातार नजर रखी जा रही है। कमीशन के लालच में बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं सिम कार्ड उपलब्ध कराने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में सुपेला पुलिस ने 6 खाता धारकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में एक महिला भी शामिल है। इनके खातों की जांच में साइबर ठगी से प्राप्त लाखों रुपये के लेनदेन का तथ्य सामने आया। तकनीकी साक्ष्य, बैंक खातों के विश्लेषण एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर थाना सुपेला एवं एसीसीयू द्वारा आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की गई।
विवेचना के दौरान प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त खातों को ₹2,000 से ₹15,000 तक के कमीशन/प्रतिफल के बदले उपलब्ध कराया गया था। बाद में इन बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के विभिन्न खातों में अंतरण एवं प्राप्ति के लिए किया गया। बैंक खातों के विश्लेषण में लाखों रुपये से अधिक की संदिग्ध धनराशि के लेनदेन की जानकारी प्राप्त हुई। प्रकरण में प्राप्त तकनीकी साक्ष्य, बैंक खातों के लेनदेन के विश्लेषण एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर दिनांक 16.09.2026 को थाना सुपेला में 06 संबंधित खाताधारकों के विरुद्ध विधिवत वैधानिक कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि खाताधारकों द्वारा स्वयं के अथवा अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों से संबंधित पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं सिम कार्ड कमीशन/प्रतिफल के लालच में अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराए गए थे। आरोपियों द्वारा कमीशन/प्रतिफल प्राप्त करने के उद्देश्य से बैंक खाते एवं उनसे संबंधित पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक तथा सिम कार्ड अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराए गए। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित करने एवं उसके लेनदेन को संचालित करने के लिए किया गया।
उक्त कार्रवाई में थाना सुपेला पुलिस एवं एसीसीयू की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम द्वारा बैंक खातों के लेनदेन का विश्लेषण, तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण एवं संबंधित खाताधारकों की पहचान कर प्रकरण में वैधानिक कार्रवाई की गई। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों को सचेत करते हुए कहा है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक अथवा मोबाइल सिम कार्ड उपयोग हेतु उपलब्ध न कराएं।
कमीशन या आर्थिक लाभ के लालच में बैंक खाते की जानकारी अथवा बैंकिंग साधन किसी अन्य व्यक्ति को देना साइबर अपराध में उपयोग का कारण बन सकता है और खाताधारक भी वैधानिक जांच एवं कार्रवाई के दायरे में आ सकता है। यदि आपके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक अथवा सिम कार्ड का किसी अन्य व्यक्ति द्वारा दुरुपयोग किए जाने की जानकारी मिलती है, तो तत्काल संबंधित बैंक एवं नजदीकी पुलिस थाना को सूचना दें तथा साइबर अपराध की स्थिति में साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत की प्राप्ति का प्रमाण सुरक्षित रखें।
आरोपियों के नाम
- दिनेश सोना, उम्र 22 वर्ष, निवासी इस्लाम नगर, उत्कल पारा, सुपेला, जिला दुर्ग।
- हेमन्त कुमार मिश्रा, उम्र 37 वर्ष, निवासी शंकर पारा, नूर मस्जिद के सामने, सुपेला, जिला दुर्ग।
- मोहम्मद आरिफ, उम्र 30 वर्ष, निवासी दुर्गा चौक, टंकी मरौदा, जिला दुर्ग।
- वीरेन्द्र विश्वकर्मा, उम्र 34 वर्ष, निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, चरौदा, जिला दुर्ग।
- अखिलेश गुप्ता, उम्र 55 वर्ष, निवासी 129, अनाज लाइन, नेहरू भवन, सुपेला, जिला दुर्ग।
- रीना देवी, उम्र उपलब्ध नहीं, निवासी शारदा पारा, छावनी, जिला दुर्ग।
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