*कबीरधाम में नि: शुल्क ईको कार्डियोग्राफी शिविर, 53 बच्चों की जांच, 18 ऑपरेशन के लिए चिन्हित*
*उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर हृदय जांच शिविर आयोजित, गंभीर बच्चों के निःशुल्क उपचार की प्रक्रिया शुरू*
*समय पर जांच से बच सकती है बच्चों की जान, हृदय रोग पहचानने के संकेत भी बताए गए*
कवर्धा, जुलाई 2026/ उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर जिला चिकित्सालय संबद्ध शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय चिकित्सालय, कबीरधाम में रायपुर के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के सहयोग से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के अंतर्गत नि:शुल्क ईको कार्डियोग्राफी जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में जिले के 53 बच्चों का पंजीयन कर उनकी ईको कार्डियोग्राफी जांच की गई, जिनमें से 18 बच्चों को ऑपरेशन के लिए चिन्हित किया गया। इन बच्चों का उपचार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के तहत शासन की व्यवस्था के अनुसार निःशुल्क कराया जाएगा।
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने आयोजित शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने शिविर की पूरी कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी लेते हुए स्वास्थ्य विभाग को ऐसे विशेष जांच शिविर नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की सराहना करते हुए कहा कि पात्र बच्चों को बिना विलंब उपचार उपलब्ध कराया जाए।
शिविर में रायपुर से आए पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. चन्द्रकांत उसेंडी ने अपनी विशेषज्ञ सेवाएं प्रदान कीं। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चन्द्रप्रकाश चन्द्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चन्द्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री रामकुमार भट्ट, श्री नितेश अग्रवाल, श्री मनीराम साहू, श्री रिंकेश वैष्णव, श्री मोहन ठाकुर, श्री जितेंद्र सिंह, श्री दुर्गेश दुबे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ देवेंद्र तूरे, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सलिल मिश्रा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती अनुपमा तिवारी, डॉ. मुकुंद राव, श्रीमती आराधना बंजारे, श्रीमती प्रिया तंबोली, श्री चंदन टेकाम तथा चिरायु दल के सभी सदस्यों ने शिविर के सफल संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के तहत जिले के शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों, अनुदान प्राप्त विद्यालयों, आवासीय विद्यालयों, आश्रम-छात्रावासों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में अध्ययनरत एवं पंजीकृत बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। चिरायु दल वर्ष में एक बार सभी स्कूलों तथा वर्ष में दो बार सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण कर बच्चों की स्वास्थ्य जांच, परामर्श और उपचार उपलब्ध कराते हैं। गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों को चिरायु वाहनों के माध्यम से शासन द्वारा अनुबंधित शासकीय एवं निजी अस्पतालों तथा आवश्यकता पड़ने पर राज्य के बाहर भी उपचार एवं ऑपरेशन के लिए भेजा जाता है।
*शिशुओं और बच्चों में हृदय रोग के संकेतों को न करें नजरअंदाज*
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सलिल मिश्रा ने बताया कि शिशुओं में दूध पीते समय जल्दी थक जाना, अत्यधिक पसीना आना, होंठ या नाखूनों का नीला पड़ना, वजन नहीं बढ़ना तथा सामान्य से तेज सांस चलना हृदय रोग के प्रमुख संकेत हो सकते हैं। वहीं बड़े बच्चों एवं किशोरों में थोड़े परिश्रम पर सांस फूलना, अत्यधिक थकान, सीने में दर्द, खेलते समय चक्कर आना या बेहोश होना तथा दिल की धड़कन असामान्य रूप से तेज महसूस होना हृदय संबंधी बीमारी के लक्षण हो सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि यदि बच्चों में इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दें तो लापरवाही न बरतें, तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं। समय पर पहचान और उपचार से बच्चों को गंभीर हृदय रोगों से सुरक्षित रखा जा सकता है।




