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चैतमा के नौनिहालों ने नुक्कड़ नाटक और मानव श्रृंखला से दिया जनसंख्या स्थिरीकरण का संदेश

रायपुर बढ़ती जनसंख्या के प्रति वैश्विक चिंताओं और उसके समाधानों को रेखांकित करने के लिए 11 जुलाई को ‘विश्व जनसंख्या दिवस’ के अवसर पर जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा  मनाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य समुदाय में परिवार नियोजन के साधनों, छोटे परिवार के महत्व तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना है l

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विश्व जनसंख्या दिवस’ के अवसर पर स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, कोरबा जिले के चैतमा में जन-जागरूकता के कई प्रेरक कार्यक्रम आयोजित किया गया। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर के रासेयो प्रकोष्ठ के मार्गदर्शन में विद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई और इको क्लब के स्वयंसेवकों ने ‘जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा’ के तहत पूरे क्षेत्र में जागरूकता की अलख जगाई।

चित्रकला से उकेरी बढ़ती आबादी की चुनौतियां

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय परिसर में आयोजित एक वृहद चित्रकला प्रतियोगिता से हुई। इसमें छात्र-छात्राओं ने अपनी तूलिका के माध्यम से बढ़ती जनसंख्या के दुष्परिणामों, जैसे—गरीबी, बेरोजगारी, और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को बेहद संजीदगी से चार्ट पेपर पर उकेरा। साथ ही, बच्चों ने छोटे परिवार के लाभ और लैंगिक समानता पर भी सुंदर संदेश दिए।

बुधवारी बाजार में गूंजा नुक्कड़ नाटक, बनाई विशाल मानव श्रृंखला

​चित्रकला प्रतियोगिता के बाद स्वयंसेवक विद्यार्थी ग्राम पंचायत चैतमा के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र ‘बुधवारी बाजार’ पहुंचे। यहाँ विद्यार्थियों ने एक बेहद प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का मंचन किया। नाटक के माध्यम से परिवार नियोजन के साधन, मातृ स्वास्थ्य (Maternal Health) की महत्ता और अंधविश्वासों को दूर करने की अपील की गई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हुए। इसके बाद विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर बाजार चौक पर एक विशाल मानव श्रृंखला बनाई, जो एकजुटता और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक बनी।

नारेबाजी के साथ निकली भव्य जागरूकता रैली

“छोटा परिवार-सुखी परिवार” और “जनसंख्या पर रोक लगाएं, देश को खुशहाल बनाएं” जैसे गगनभेदी नारों के साथ स्वयंसेवकों ने चैतमा के प्रमुख मार्गों पर भव्य जन-जागरूकता रैली निकाली। रैली में तख्तियां पकड़े बच्चे ग्रामीणों को यह समझाने में सफल रहे कि जनसंख्या स्थिरीकरण केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक का मानवाधिकार और कर्तव्य है।

जागरूकता ही एकमात्र समाधान

इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों और रासेयो कार्यक्रम अधिकारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ​इस विशेष दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य केवल आबादी की गिनती करना नहीं है, बल्कि बढ़ती जनसंख्या से जुड़े गंभीर मुद्दों जैसे गरीबी, मातृ स्वास्थ्य में कमी और लैंगिक असमानता के प्रति समाज को सचेत करना है। जब तक हर नागरिक जागरूक नहीं होगा, तब तक देश में सतत विकास की कल्पना अधूरी है।

​इस गरिमामयी और उद्देश्यपूर्ण कार्यक्रम के सफल आयोजन पर अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय रासेयो प्रकोष्ठ, बिलासपुर और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय चैतमा के प्राचार्य, NSS टीम और इको क्लब के स्वयंसेवकों की सराहना की है।

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Manoj Mishra

Editor in Chief

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