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पूर्व राजघरानों की निजी संपत्ति पर लागू नहीं होगा ज्येष्ठाधिकार का नियम : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि पूर्व रियासतों के शासकों की निजी संपत्तियों के उत्तराधिकार पर ज्येष्ठाधिकार यानी केवल सबसे बड़े पुरुष उत्तराधिकारी को संपत्ति मिलने का नियम लागू नहीं होगा। ऐसी संपत्तियों का बंटवारा संबंधित परिवार के व्यक्तिगत उत्तराधिकार कानून के अनुसार किया जाएगा।

जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस एस.वी.एन. भट्टी की खंडपीठ ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का फैसला रद्द किया, जिसमें कपूरथला राजघराने की निजी संपत्तियों पर ब्रिगेडियर सुखजीत सिंह को एकमात्र उत्तराधिकारी माना गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि विलय समझौते में केवल गद्दी और शाही पद से जुड़े अधिकारों के उत्तराधिकार को परंपरा और ज्येष्ठाधिकार के आधार पर संरक्षण दिया गया, निजी संपत्तियों को नहीं।

खंडपीठ ने कहा,

निजी संपत्तियां शासक की व्यक्तिगत संपत्ति थीं और उनका उत्तराधिकार हिंदू या मुस्लिम व्यक्तिगत कानून के अनुसार तय होगा न कि ज्येष्ठाधिकार की परंपरा के आधार पर।”

मामला कपूरथला के पूर्व राजघराने में लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद से जुड़ा था। वर्ष 1977 में दो मुकदमे दायर किए गए। एक ओर ब्रिगेडियर सुखजीत सिंह ने दावा किया था कि कपूरथला विला, मसूरी स्थित ‘शैटो एंड सेंट हेलेंस’ सहित कई संपत्तियां उनकी व्यक्तिगत संपत्ति हैं। दूसरी ओर उनकी अलग रह रही पत्नी गीता देवी और बच्चों ने इन्हें पैतृक संपत्ति बताते हुए बंटवारे की मांग की थी।

विवाद का मुख्य प्रश्न यह था कि इन संपत्तियों का उत्तराधिकार राजघरानों में प्रचलित ज्येष्ठाधिकार नियम से होगा या सामान्य हिंदू उत्तराधिकार कानून से।

संपत्तियों में दिल्ली और कपूरथला की अचल संपत्तियां, मसूरी की कोठियां, आभूषण, प्रतिभूतियां और अन्य चल संपत्तियां शामिल थीं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट ने पूर्व के फैसलों की गलत व्याख्या करते हुए ज्येष्ठाधिकार नियम को निजी संपत्तियों पर लागू किया।

अदालत ने अपने हालिया फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि विलय समझौता केवल गद्दी के उत्तराधिकार की रक्षा करता है, निजी संपत्तियों की नहीं।

अदालत ने कहा,

विलय के बाद शासक देश का नागरिक बन गया। निजी संपत्तियों पर उसका अधिकार व्यक्तिगत है और उन पर सामान्य उत्तराधिकार कानून ही लागू होगा।”

फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने मसूरी स्थित शैटो एंड सेंट हेलेंस संपत्ति को ब्रिगेडियर सुखजीत सिंह और जीवित बच्चों के बीच विभाजित करने का निर्देश दिया। कपूरथला स्थित ‘विला बौना विस्टा’ के बंटवारे का भी आदेश दिया गया।

इसके साथ ही अदालत ने प्रारंभिक विभाजन डिक्री जारी करने का निर्देश दिया।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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