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उप मुख्यमंत्री अरुण साव कार्यशाला में वर्चुअली हुए शामिल, फॉरेंसिक वैन को दिखाई हरी झंडी

रायपुर केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अनुशंसा पर छत्तीसगढ़ के सभी जिलों को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई है। इसी क्रम में मुंगेली जिले को करीब 65 लाख रुपये लागत की आधुनिक सुविधाओं से लैस मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्राप्त हुई है। इस वैन के तकनीकी उपयोग और अपराध अनुसंधान में इसकी भूमिका से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अवगत कराने मुंगेली कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ‘कलेक्टर जनदर्शन सभाकक्ष’ में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। उप मुख्यमंत्री अरुण साव नवा रायपुर स्थित मंत्रालय से इसमें वर्चुअली शामिल हुए। उन्होने हरी झंडी दिखाकर मोबाइल फॉरेंसिक वैन को जिले में सेवा हेतु रवाना किया।

अपराध अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा

मुख्य अतिथि के रूप में कार्यशाला में ऑनलाइन जुड़े उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मुंगेली जिले को मिली यह अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन कानून व्यवस्था और अपराध जांच प्रणाली को नई मजबूती प्रदान करेगी। आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित यह वैन पुलिस को घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच की सुविधा देगी, जिससे अपराध अनुसंधान में तेजी आएगी और साक्ष्य संकलन अधिक प्रभावी होगा।

तकनीकी क्षमता का उठाएं पूरा लाभ

बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने कहा कि मोबाइल फॉरेंसिक वैन की तकनीकी क्षमताएं आपराधिक मामलों के त्वरित एवं वैज्ञानिक निराकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुंगेली पुलिस इस सुविधा का बेहतर उपयोग कर अपराधियों के खिलाफ सशक्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

निष्पक्ष न्याय में बड़ी भूमिका निभाएगी वैन

मुंगेली एसएसपी भोजराम पटेल ने कहा कि देश की न्याय व्यवस्था में सभी नागरिकों के लिए न्याय समान है। उन्होंने कहा कि न्याय भेद नहीं करता और प्रत्येक नागरिक को निष्पक्ष न्याय मिलना उसका अधिकार है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष और सटीक जांच में बड़ी मददगार साबित होगी।

आधुनिक उपकरणों एवं तकनीकों की दी गई विस्तृत जानकारी

कार्यशाला में तकनीकी सत्र में फॉरेंसिक एक्सपर्ट ज्योत्सना लकड़ा ने एलईडी स्क्रीन के माध्यम से पुलिस अधिकारियों और जवानों को वैन में उपलब्ध आधुनिक उपकरणों एवं तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया, साक्ष्य सुरक्षित रखने में बरती जाने वाली सावधानियों तथा मौके पर ही प्राथमिक फॉरेंसिक जांच करने के तरीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। साथ ही बताया कि अदालत में साक्ष्यों की वैधता बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक पद्धति से जांच और दस्तावेजीकरण अत्यंत आवश्यक है।

प्रधानमंत्री की बचत अपील का दिखा असर

कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘बचत’ संबंधी अपील को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव तथा बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने अनावश्यक खर्च से बचते हुए ऑनलाइन माध्यम से कार्यशाला में सहभागिता की।

कार्यशाला में मुंगेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, अपर कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा, उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह, बार काउंसिल के अध्यक्ष राजमन सिंह और वरिष्ठ अधिवक्ता रविंदर सिंह छाबड़ा सहित जिले के विभिन्न थाना प्रभारी, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।

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Manoj Mishra

Editor in Chief

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