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एम्स रायपुर ने ABO-असंगत किडनी ट्रांसप्लांट कर रचा नया कीर्तिमान, अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि

रायपुर। मध्य भारत में ट्रांसप्लांट चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित करते हुए, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), रायपुर ने सफलतापूर्वक अपना पहला ABO-असंगत (ABO-incompatible) किडनी ट्रांसप्लांट संपन्न किया है। चिकित्सा क्षेत्र की यह उपलब्धि उन अनगिनत मरीजों के लिए आशा की एक नई किरण लेकर आई है, जो उपयुक्त डोनर और ब्लड ग्रुप मेल न खाने के कारण लंबे समय से प्रतीक्षा सूची में थे।

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यह जटिल प्रत्यारोपण भिलाई (सुपेला) के एक 30 वर्षीय युवक में किया गया, जो ‘एंड स्टेज किडनी रोग’ से ग्रसित होने के कारण विगत एक माह से डायलिसिस पर निर्भर था। मरीज का ब्लड ग्रुप O-पॉजिटिव होने के कारण समान ब्लड ग्रुप का डोनर मिलना अत्यंत कठिन था। ऐसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में मरीज की 59 वर्षीय माता ने अंगदान का निर्णय लिया, जिनका ब्लड ग्रुप A-पॉजिटिव था। रक्त समूह की इस भिन्नता के बावजूद, अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों के माध्यम से इस ट्रांसप्लांट को संभव बनाया गया।

ट्रांसप्लांट से पूर्व मरीज को विशेष उपचार प्रक्रिया, जिसे ‘डिसेंसिटाइजेशन’ कहा जाता है, से गुजरना पड़ा। इसमें ‘रित्वुक्सीमैब’ (Rituximab) दवा के प्रयोग के साथ-साथ पांच बार प्लाज्माफेरेसिस की प्रक्रिया अपनाई गई, ताकि मरीज के खून से डोनर के रक्त समूह के विरुद्ध काम करने वाली एंटीबॉडीज को हटाया जा सके। इसके अतिरिक्त मरीज को मजबूत इम्यूनोसप्रेसिव दवाएं भी दी गईं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा यह सफल ऑपरेशन 22 अप्रैल 2026 को किया गया। मरीज की स्थिति में निरंतर सुधार के पश्चात, उन्हें 2 मई 2026 को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

इस सफल प्रक्रिया में नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, एनेस्थीसिया और ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञों ने संयुक्त रूप से कार्य किया। डॉ. विनय राठौर ने इस उपलब्धि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ABO-असंगत ट्रांसप्लांट उन मरीजों के लिए एक जीवनरक्षक विकल्प है जिन्हें मैचिंग डोनर नहीं मिल पाता। वहीं डॉ. अमित शर्मा ने सर्जरी में समयबद्धता और सटीक प्रबंधन के महत्व को रेखांकित किया। संस्थान के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ, लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (रिटायर्ड) ने चिकित्सा दल को इस ऐतिहासिक सफलता पर बधाई दी। उन्होंने पुनर्पुष्टि की कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रायपुर आम नागरिकों को उच्च स्तरीय, जटिल और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के अपने संकल्प की दिशा में निरंतर अग्रसर है।

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Manoj Mishra

Editor in Chief

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