रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के प्रभावी क्रियान्वयन ने ग्रामीण भारत में आवास परिदृश्य को पूरी तरह से बदल दिया है, जिससे सभी के लिए आवास का सपना साकार हो रहा है। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन में विगत दो वर्ष (वित्तीय वर्ष 2024-26) में राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह सफलता जिला कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी के कुशल निर्देशन एवं सतत मॉनिटरिंग और समर्पित प्रयासों का परिणाम है।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) ने पारदर्शी तरीके से लाभार्थियों को सीधे सहायता प्रदान करके और अन्य योजनाओं के साथ तालमेल बिठाकर ग्रामीण राज्य में आवास की कमी को कम करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। गौरतलब है कि शासन की महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत जिले में कुल 72 हजार 368 पात्र परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए थे, इनमें से अब तक 63 हजार 947 आवासों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है, जो कि 88.36 प्रतिशत की प्रभावशाली उपलब्धि को दर्शाता है। यह आंकड़ा न केवल प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने की दिशा में एक ठोस कदम भी है।
वित्तीय प्रबंधन के स्तर पर भी सूरजपुर जिला राज्य में अग्रणी रहा है। आवास निर्माण के लिए निर्धारित 868.42 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 809.23 करोड़ रुपये, अर्थात् 93.18 प्रतिशत राशि सीधे हितग्राहियों के खातों में अंतरित की जा चुकी है, इससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है और निर्माण कार्य में तेजी आई है। इसके साथ ही, जिले में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए “आवास प्लस 2.0” के तहत 1.40 लाख से अधिक परिवारों का नवीन सर्वे भी सफलतापूर्वक पूरा किया गया है, जिससे आने वाले समय में और अधिक जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ मिल सकेगा। जिला प्रशासन की सक्रियता, जमीनी स्तर पर निरंतर निगरानी और हितग्राहियों की सहभागिता ने इस योजना को एक जन-आंदोलन का रूप दे दिया है। आज सूरजपुर जिले के हजारों परिवार अपने पक्के घर का सपना साकार होते देख रहे हैं।
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