भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जनगणना 2027 को लेकर महासमुंद जिले में प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में कलेक्टर एवं प्रमुख जिला गणना अधिकारी विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूरी प्रक्रिया पूर्णतः डिजिटल होगी।
जनगणना निदेशालय रायपुर के संयुक्त निदेशक व प्रशिक्षक अशोक मिश्रा ने बताया कि आगामी जनगणना दो प्रमुख चरणों में संपादित की जाएगी। प्रथम चरण में 1 मई से 31 मई तक होगी। इस दौरान मकानों का सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा। द्वितीय चरण फरवरी 2027 को होगी। इस अंतिम चरण में वास्तविक जनसंख्या गणना का कार्य संपन्न होगा। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जनगणना कार्य की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारियों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीएमएमएस पोर्टल पर मकान सूचीकरण ब्लॉक निर्माण का कार्य 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए। प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की यूजर आईडी जनरेट करने की प्रक्रिया भी इसी माह के अंत तक पूरी होनी चाहिए। अगले सप्ताह फील्ड ट्रेनर्स का उच्च स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा, जो बाद में तहसील स्तर पर प्रगणकों को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण के अंत में जिला जनगणना अधिकारी मनोज कुमार खाण्डे ने उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।
ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से होगी निगरानी: डिजिटल इंडिया की तर्ज पर इस बार संपूर्ण कार्य की निगरानी ऑनलाइन सॉफ्टवेयर और सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। इससे डेटा की सटीकता और पारदर्शिता बनी रहेगी। बैठक में अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, सहायक संचालक मनोज कुमार महिलांगे सहित जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार और मुख्य नगरपालिका अधिकारी उपस्थित रहे।





