जंग के बीच ईरान की मदद करने के लिए भारत में कई जगहों पर चंदा इकट्ठा किया जा रहा है. भारतीयों के इस जज्बे को देखकर ईरान की तरफ से भावुक बयान आया है. इस मौके पर ईरानी दूतावास की तरफ से एक बैंक अकाउंट नंबर भी जारी किया है, ताकि लोग फर्जीवाड़े से बच सकें.
भारत में, खास तौर पर कश्मीर के अंदर ईरान के लिए बड़े पैमाने पर चंदा इकट्ठा किया जा रहा है. इसमें लोग जहां पैसों से मदद कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग सोना-चांदी के गहने, पीतल-तांबे के बर्तन भी दान में दे रहे हैं. इसी को लेकर ईरान ने भारत का शुक्रिया अदा किया है. भारत में ईरानी दूतावास ने शनिवार को ईरान के पुनर्निर्माण के लिए पैसे और गहने दान करने वाले भारतीयों की ‘दयालुता’ और ‘इंसानियत’ के लिए धन्यवाद कहा है. दूतावास ने कहा,’हम आपकी दयालुता और इंसानियत को कभी नहीं भूलेंगे धन्यवाद,भारत.’
आपकी दयालुता को कभी नहीं भुलाया जा सकता- ईरान
उन्होंने आगे कहा,’कृतज्ञता से भरे दिलों के साथ, हम कश्मीर के दयालु लोगों को ईरान के लोगों के साथ उनके मानवीय समर्थन और दिली एकजुटता के जरिए खड़े होने के लिए तहे दिल से धन्यवाद देते हैं; इस दयालुता को कभी नहीं भुलाया जाएगा. धन्यवाद, भारत.’ इस मौके पर दूतावास ने एक महिला के बलिदान का भी जिक्र किया, जिसने अपने पति की निशानी दान कर दी; उनके पति का निधन 28 साल पहले हो गया था. दूतावस ने बताया,’कश्मीर की एक सम्मानित बहन ने अपने पति की निशानी के तौर पर रखा सोना दान कर दिया, जिनका निधन 28 साल पहले हो गया था. उन्होंने यह सोना ईरान के लोगों के लिए प्यार और एकजुटता से भरे दिल के साथ दान किया. आपके आंसू और पवित्र भावनाएं ईरान के लोगों के लिए सांत्वना का सबसे बड़ा जरिया हैं और इन्हें कभी नहीं भुलाया जाएगा. धन्यवाद, कश्मीर. धन्यवाद, भारत.
बच्चे अपनी गुल्लक तोड़कर दे रहे हैं दान’
दूतावास ने कहा,’यहां तक कि कश्मीरी बच्चे भी ईरान को तोहफे के तौर पर अपनी गुल्लकें दे रहे हैं. अल्लाह आपका भला करे.’ बडगाम के स्थानीय लोगों ने खाड़ी युद्ध संकट के बाद ईरान का समर्थन करने के लिए सोना, चांदी और नकद दान किया है, जिससे देश के प्रति उनकी एकजुटता जाहिर होती है.





