रायपुर। माय भारत द्वारा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में ऐतिहासिक पुरानी छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्य स्तरीय “विकसित भारत युवा संसद 2026” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना, राष्ट्रीय नीतियों पर शोध-आधारित विचार-विमर्श को प्रोत्साहित करना तथा विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय संकल्प में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम का उद्घाटन बाबा खुशवंत साहेब, मंत्री, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि युवाओं द्वारा प्रस्तुत तथ्यपरक और शोध-आधारित विचार आज की नीति-निर्माण प्रक्रिया को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने में युवाओं की सक्रिय सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर अर्पित तिवारी, राज्य निदेशक, माय भारत ने बताया कि विकसित भारत युवा संसद युवाओं को नीति-निर्माण की प्रक्रिया में अपनी आवाज़ प्रभावी ढंग से रखने का सशक्त मंच प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के विचार और सुझाव राष्ट्रीय नीतियों तथा बजटीय चर्चाओं को भी प्रभावित कर रहे हैं, जिसकी सराहना इस वर्ष के केंद्रीय बजट के दौरान निर्मला सीतारमण, केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा भी की गई। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए 150 से अधिक माय भारत स्वयंसेवकों और युवा प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने केंद्रीय बजट 2026 पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए समावेशी विकास, कौशल विकास तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं जिला स्तर पर “आपातकाल के 50 वर्ष: लोकतंत्र के लिए सबक” विषय पर चर्चा कर युवाओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक अधिकारों और नागरिक जिम्मेदारियों के महत्व को रेखांकित किया।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बिलासपुर की आरती कुमारी ने प्रथम स्थान, गरियाबंद की हर्षिता यादव ने द्वितीय स्थान तथा दुर्ग के दीपांशु नेताम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली आरती कुमारी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि केंद्रीय बजट 2026 में कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली पहलों से युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और देश की आर्थिक प्रगति को नई गति प्राप्त होगी। द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली हर्षिता यादव ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए युवाओं की जागरूक और सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है तथा ऐसे मंच युवाओं को नीति-निर्माण की दिशा में सोचने और योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं।
तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले दीपांशु नेताम ने कहा कि युवाओं के अनुभव और जमीनी समझ नीति-निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान कर सकते हैं, जिससे विकास से संबंधित योजनाएँ अधिक प्रभावी और समावेशी बन सकती हैं। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में चयनित ये प्रतिभागी आगामी राष्ट्रीय स्तर पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे और देश के समक्ष छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह आयोजन इस बात का सशक्त उदाहरण है कि जब माय भारत के स्वयंसेवक शोध-आधारित दृष्टिकोण और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ आगे आते हैं, तो वे केवल संवाद नहीं करते बल्कि राष्ट्र के भविष्य की नीतिगत दिशा को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।
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